जगत ब्लॉक में बुखार ने चार और जिंदगियां निगलीं
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जिले के जगत ब्लॉक में जारी जानलेवा बुखार का कहर थमने नाम नहीं ले रहा। ब्लॉक के तीन गांवों में बुखार ने चार और जिंदगियों को निगल लिया। बुखार से मूसाझाग में दो और बेला, रायपुर में एक-एक मौत हुई है। इन गांवों में कई लोग बुखार की चपेट में हैं। जगत ब्लॉक में बुखार से मरने वालों की संख्या अब 19 हो चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसर गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं। जगत ब्लॉक के गांवों में बुखार से मौतों का सिलसिला अगस्त के पहले सप्ताह में शुरू हुआ था। 18 अगस्त को ललबुझिया गांव में बुखार से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की नींद खुली। जानलेवा बुखार पर काबू पाने के लिए जब तक उपाय किए गए तब तक काफी देर हो चुकी थी। काफी कोशिशों के बाद भी अब स्वास्थ्य विभाग बुखार से मौतों को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। शनिवार को जगत ब्लॉक के गांव मूसाझाग में जुगेंद्र की 10 वर्षीय बेटी प्रियंका की मौत हो गई। इसी गांव में खेमकरन की पत्नी रामबेटी (59) ने भी बुखार के चलते दम तोड़ दिया। रायपुर गांव में सत्यपाल की 11 वर्षीय बेटी की बुखार से मौत हो गई। इन तीनों का इलाज गांव में ही चल रहा था। इधर, बेला गांव के बृजपाल सिंह की पत्नी रूपशीला (55) की शनिवार तड़के जिला अस्पताल में मौत हो गई। रूपशीला को हालत खराब होने पर शुक्रवार रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनको मलेरिया की पुष्टि हुई थी। इन गांवों में बुखार से कई लोग पीड़ित हैं। गौर करने वाली बात यह है कि मूसाझाग और रायपुर गांव में शुक्रवार को ही स्वास्थ्य विभाग ने हेल्थ कैंप लगाया था।