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Budaun News: गर्मी आते ही ओवरलोड हुए फीडर, सिंचाई हुई बाधित
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उपकेंद्र पर पंहुची बीसीवी को उतारते कर्मचारी। संवाद
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बिल्सी। गर्मी बढ़ी तो ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। लोकल फॉल्ट भी हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र का परौली कृषि पोषक नाम से बना फीडर पिछले एक माह से ओवरलोड चल रहा है। इससे एक दर्जन गांवों में लगे 600 निजी नलकूप प्रभावित हैं। निगम के अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही इस फीडर को दो भागों में बांटा जाएगा, इससे ओवरलोडिंग की समस्या हल हो जाएगी।
परौली कृषि फीडर से क्षेत्र के गांव अंंबियापुर, बांस बरोलिया, गिरधरपुर, जरसैनी, खैरी, दिधौनी, नगला डल्लू, बादशाहपुर, नगला तरऊ, जरावन, छौलायन आदि गांव में लगे करीब 600 निजी नलकूपों को ओवरलोडिंग के कारण पर्याप्त मात्रा में बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इन गांवों को मात्र पांच-छह घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है।
अवर अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या को ध्यान में रखते हुए परौली कृषि फीडर को दो भागों में विभाजित करने का निर्णय लिया है। जिसके लिए उपकेंद्र पर एक आउट गोइंग बीसीवी को भेजा गया। जिसको दो-तीन दिन के अंदर कंट्रोल रूम में शिफ्ट कर दिया जाएगा। फीडर के दो भागों में विभाजित होने के बाद सभी किसानों को राहत मिल जाएगी। साथ ही ओवरलोड की समस्या खत्म हो जाएगी।
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परौली कृषि फीडर से क्षेत्र के गांव अंंबियापुर, बांस बरोलिया, गिरधरपुर, जरसैनी, खैरी, दिधौनी, नगला डल्लू, बादशाहपुर, नगला तरऊ, जरावन, छौलायन आदि गांव में लगे करीब 600 निजी नलकूपों को ओवरलोडिंग के कारण पर्याप्त मात्रा में बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इन गांवों को मात्र पांच-छह घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है।
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अवर अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या को ध्यान में रखते हुए परौली कृषि फीडर को दो भागों में विभाजित करने का निर्णय लिया है। जिसके लिए उपकेंद्र पर एक आउट गोइंग बीसीवी को भेजा गया। जिसको दो-तीन दिन के अंदर कंट्रोल रूम में शिफ्ट कर दिया जाएगा। फीडर के दो भागों में विभाजित होने के बाद सभी किसानों को राहत मिल जाएगी। साथ ही ओवरलोड की समस्या खत्म हो जाएगी।
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