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इंतजामों के बावजूद खाद के लिए मारामारी
बदायूं।
Updated Thu, 05 Feb 2015 12:11 AM IST
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जिले में भरपूर खाद आने के बाद किसान खाद के लिए बेचैन है। मंडी स्थित इफ्को खाद वितरण केंद्र पर आसपास ही नहीं दूर इलाकों के किसान भी जमा हो गए। दो दिन में आई खाद समितियों को भेजे जाने पर ही यहां की भीड़ खत्म हो सकेगी। बुधवार को भी इफको केंद्र पर खाद काफी विलंब से मिल सकी। इससे किसानों में आक्रोश है।
इफ्को केंद्र मंडी पर सुबह किसानों की बड़ी तादाद हो गई। महिलाओं की संख्या अधिक रही। डीडी कृषि प्रसार डॉ. अमर नाथ मिश्रा और जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह मौके पर पहुंचे और पुलिस की सहायता से यहां लाइनें लगवाईं। वहीं इफको केंद्र संचालकों से पर्चियां कटवाकर लाइन से खाद बांटनी शुरू की। भीड़ के कारण तमाम किसानों को यहां पूरा दिन लग गया।
अलापुर निवासी फैदमुद्दी ने बताया कि सुबह से लाइन में खड़े हैं, डेढ़ बज गया है। केंद्र बाले खाद नहीं दे रहे हैं। खाद के लिए वह कई दिनों से चक्कर लगाने के बाद यहां आए थे।
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म्याऊं के रामबहादुर ने बताया खाद लेने के लिए हर साल यही हालत होती है। किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता है। खाद नहीं मिलेगी तो पैदावार ही क्या हो पाएगी।
परसौला निवासी शमीम का कहना था कि वह इसलिए खाद लेने आईं कि आदमियों को परेशानी से मिल रही है तो कम से कम महिलाओं को तो आसानी से लाइन में खाद मिल जाएगी, लेकिन यहां खाद बांटने का कोई हिसाब नहीं है। किसानों को भरोसा दिलाया जाता है कि खाद आ गई है। मिल जाएगी। यहां आओ तो वही हाल है। न पहले आसानी से खाद मिल रही थी और न अब।
दो दिनों में 1810 एमटी खाद पहुंची
इफ्को नीम कोडिड यूरिया की दो दिन में उतरी खेपों में 1810 एमटी खाद आई है। अबतक सभी समितियाें पर खाद न पहुंचने के कारण इफ्को केंद्र पर खाद के लिए भीड़ जुट रही थी लेकिन पांच दिसंबर को 700 एमटी खाद और पहुंच जाएगी तो सभी समितियां खाद से संतृप्त हो जाएगीं। 52 समितियों को और खाद भेजी जा रही है।
जिले में खाद की समस्या नहीं है। कमिशभनर के आदेश पर पर्याप्त खाद जिले को मिल रही है और मिलेगी। जिन समितियों पर खाद नहीं पहुंची है, उन पर अगले दो दिनों में पहुंच जाएगी।
- आरके सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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इफ्को केंद्र मंडी पर सुबह किसानों की बड़ी तादाद हो गई। महिलाओं की संख्या अधिक रही। डीडी कृषि प्रसार डॉ. अमर नाथ मिश्रा और जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह मौके पर पहुंचे और पुलिस की सहायता से यहां लाइनें लगवाईं। वहीं इफको केंद्र संचालकों से पर्चियां कटवाकर लाइन से खाद बांटनी शुरू की। भीड़ के कारण तमाम किसानों को यहां पूरा दिन लग गया।
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अलापुर निवासी फैदमुद्दी ने बताया कि सुबह से लाइन में खड़े हैं, डेढ़ बज गया है। केंद्र बाले खाद नहीं दे रहे हैं। खाद के लिए वह कई दिनों से चक्कर लगाने के बाद यहां आए थे।
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म्याऊं के रामबहादुर ने बताया खाद लेने के लिए हर साल यही हालत होती है। किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता है। खाद नहीं मिलेगी तो पैदावार ही क्या हो पाएगी।
परसौला निवासी शमीम का कहना था कि वह इसलिए खाद लेने आईं कि आदमियों को परेशानी से मिल रही है तो कम से कम महिलाओं को तो आसानी से लाइन में खाद मिल जाएगी, लेकिन यहां खाद बांटने का कोई हिसाब नहीं है। किसानों को भरोसा दिलाया जाता है कि खाद आ गई है। मिल जाएगी। यहां आओ तो वही हाल है। न पहले आसानी से खाद मिल रही थी और न अब।
दो दिनों में 1810 एमटी खाद पहुंची
इफ्को नीम कोडिड यूरिया की दो दिन में उतरी खेपों में 1810 एमटी खाद आई है। अबतक सभी समितियाें पर खाद न पहुंचने के कारण इफ्को केंद्र पर खाद के लिए भीड़ जुट रही थी लेकिन पांच दिसंबर को 700 एमटी खाद और पहुंच जाएगी तो सभी समितियां खाद से संतृप्त हो जाएगीं। 52 समितियों को और खाद भेजी जा रही है।
जिले में खाद की समस्या नहीं है। कमिशभनर के आदेश पर पर्याप्त खाद जिले को मिल रही है और मिलेगी। जिन समितियों पर खाद नहीं पहुंची है, उन पर अगले दो दिनों में पहुंच जाएगी।
- आरके सिंह, जिला कृषि अधिकारी