Budaun News: युवक की हत्या पर आक्रोश, परिजनों ने पुलिस चौकी के सामने शव रख किया हंगामा, पांच घंटे तक जाम
बदायूं के जरीफनगर क्षेत्र के गांव कादरचौक में युवक की हत्या के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर नाधा पुलिस चौकी के सामने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने और एनकाउंटर करने की मांग की।
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बदायूं के जरीफनगर क्षेत्र के गांव कादरचौक में कार खड़ी करने के विवाद में युवक हरिओम की हत्या होने के मामले में मंगलवार की शाम परिजनों के साथ ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद हरिओम का शव लेकर परिजनों ने शाम चार बजे जरीफनगर थाने की नाधा पुलिस चौकी के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। आक्रोशित लोग बोतलों में पेट्रोल लेकर बैठे। परिजनों और ग्रामीणों ने नाधा चौकी के पुलिस कर्मियों पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और सभी को निलंबित करने की मांग की। पांच घंटे तक सड़क पर हंगामा जारी रहा।
शव को रखकर सड़क को जाम करने के कारण यातायात का आवागमन प्रभावित रहा। परिजनों ने बाकी बचे आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही सभी आरोपियों को फांसी पर लटकाने की मांग की। मृतक के ममेरे भाई राकेश ने बताया कि घटना के समय नाधा चौकी के इंचार्ज प्रदीप कुमार और सिपाही आशीष को फोन किया गया था, लेकिन ने फोन नहीं उठाया। परिजनों ने नाधा चौकी के पुलिस कर्मियों पर आरोपियों का सहयोग करने का आरोप लगाया। पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की मांग की। उन्होंने आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने और आरोपियों के एनकाउंटर करने की मांग की।
परिजनों को समझाने में जुटे रहे अफसर
परिजनों का आरोप था कि मामले में कई आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी धाराओं में कार्रवाई करने की मांग की। परिजनों के शव रखकर सड़क जाम करने की सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस के अधिकारी लगातार परिजनों को आरोपियों पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन देते रहे, लेकिन परिजनों ने कहा कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है, तब तक वह सड़क से नहीं हटेंगे। एसडीएम सहसवान, सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह, सीओ बिल्सी आलोक सिद्धू और चार थानों की पुलिस भी पहुंच गई। अफसरों ने वहां पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की।
हत्या के मामले में छह आरोपी गिरफ्तार
हरिओम की हत्या के मामले में 12 आरोपियों को नामजद कर केस दर्ज किया गया। पुलिस ने मंगलवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल्हाड़ी, भाला और लोहे की रॉड की बरामद की है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने सोमवार रात दबिश देकर गांव निवासी चंद्रकेश, प्रेम सिंह, चंद्रवीर, पप्पू, सुरेश चंद्र और जितेंद्र को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से लोहे की दो रॉड और दो लाठी भी बरामद कीं। गौरतलब है कि रविवार रात गांव निवासी कल्याण सिंह की बेटी की बरात आई थी। दावत में शामिल होने के बाद हरिओम, रामानंद और जुगेंद्र घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के चौराहे पर चंद्रवीर और जितेंद्र अपनी कार लेकर पहुंचे। चौराहे पर कार खड़ी करने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हुई। मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए हरिओम की मौत हो गई थी।
होली पर हुई कहासुनी के बाद रंजिश मान रहा था आरोपी पक्ष
हरिओम और आरोपी पक्ष की होली पर कहासुनी हुई थी। इसके बाद से आरोपी पक्ष हरिओम पक्ष से रंजिश मानने लगा था। रविवार की रात कार खड़े करने को लेकर कहासुनी हुई तो रंजिशन हरिओम पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था।
सीओ से आरोपियों को फांसी पर लटकाने की गुहार लगाई
घटना के बाद मंगलवार को सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह पीड़ित परिवार से मिलने उनके गांव पहुंचे और मृतक हरिओम की पत्नी प्रियंका और परिजनों से मुलाकात की। सीओ ने परिवार को ढाढ़स बंधाया। हरिओम के डेढ़ साल के बेटे आदित्य को दुलार भी किया। उन्होंने परिवार से कहा कि जल्द से जल्द सभी आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। मृतक की पत्नी ने आरोपियों को फांसी पर लटकाने की गुहार लगाई। सीओ ने सभी को सजा दिलाने का आश्वासन दिया।
सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह ने बताया कि गाड़ी खड़े करने को लेकर हुए विवाद में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मामले में 12 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। भागे हुए आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।