फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   enimal vecsin

संकट में पशु धन: जिले में 10 लाख पशुओं को लगा दी गई अधोमानक वैक्सीन

Sat, 27 Feb 2021 12:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 27 Feb 2021 12:51 AM IST
विज्ञापन
enimal vecsin
बदायूं। जिले में पशुधन पर संकट है। पशुओं की खुरपका और मुंह पका बीमारी से मौत हो रही है। कई इलाकों में गलाघोंटू से भी पशु दम तोड़ रहे हैं। दरअसल, पशु चिकित्सा विभाग को जिले में 13.86 लाख पशुओं को खुरपका, मुंहपका रोधी वैक्सीन लगाने का लक्ष्य मिला था। 10.72 लाख पशुओं को वैक्सीन दी गई। बाद में टीकाकरण अभियान रोक दिया गया। बाद में पशुओं को दी गई वैक्सीन केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला में अधोमानक पाई गई है। ऐसे में अब पशु तेजी से खुरपका और मुंहपका की जद में आ रहे हैं।
विज्ञापन

पशुओं को हर साल नवंबर-दिसंबर और मार्च-अप्रैल में खुरपका, मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए एफएमडी (फुट एंड माउथ) वैक्सीन दी जाती है। इसके अलावा साल में एक बार गलाघोंटू बीमारी से बचाने के लिए मानसून के सीजन से पहले मई-जून में हेमोरेजिस सेफ्टीसेमिया वैक्सीन दी जाती है। इस बार जिले में खुरपका, मुंहपका वैक्सीन देने के लिए 13 लाख 86 हजार 950 पशुओं का लक्ष्य रखा गया था। पशु चिकित्सा विभाग ने नवंबर-दिसंबर में टीकाकरण अभियान शुरू किया, वैक्सीन अधोमानक होने के कारण अभियान को बीच में ही रोक दिया गया। हालांकि, इस दौरान जिले में 10 लाख 72 हजार से ज्यादा पशुओं को टीका लगाया भी जा चुका था।
विज्ञापन

दरअसल, केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला ने एफएमडी वैक्सीन की जांच की तो यह मानकों पर खरी नहीं पाई गई। ऐसे में जिन पशुओं का टीकाकरण हुआ था उनके साथ टीकाकरण से छूटे पशुओं को भी संक्रामक खुरपका और मुंहपका बीमारियां घेर रही हैं। जिले में लगातार पशुओं की मौत हो रही है। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जहां भी पशुओं के बीमार होने की सूचना मिल रही है वहां टीम को भेजा जा रहा है। मार्च से टीकाकरण अभियान प्रस्तावित है। अभी वैक्सीन की नई खेप नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पशुओं को खुरपका और मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए दी जाने वाली एफएमडी वैक्सीन को केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला ने जांच में अधोमानक पाया था। जिले में 13.86 लाख पशुओं को टीका लगाया जाना था, इनमें 10.72 लाख पशुओं को टीका लगा दिया गया था। वैक्सीन अधोमानक होने के कारण टीकाकरण अभियान रोक दिया गया था। अब मार्च से टीकाकरण प्रस्तावित है, अभी वैक्सीन की नई खेप नहीं मिली है। - डॉ. एके जादौन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed