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कमिश्नर की फटकार पर हिले अधिकारी... तालाब से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी

Sat, 22 Feb 2020 01:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2020 01:12 AM IST
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Encroachment
बदायूं। वजीरगंज में हाईवे किनारे तालाब की जमीन पर हुए कब्जे के मामले में तहसील प्रशासन ने अपनी जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया था लेकिन गुरुवार को जब कमिश्नर ने एक सप्ताह के भीतर तालाबों समेत सरकारी जमीनों पर कब्जे हटाने के लिए अधिकारियों की फटकार लगाई तो बिसौली तहसील प्रशासन नींद से जाग गया। आनन फानन में एसडीएम बिसौली ने नगर पंचायत वजीरगंज के ईओ को तालाब की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को चिह्नित करने और उसे हटाने की व्यवस्था करने के निर्देश दे डाले। अब नगर पंचायत प्रशासन इसकी तैयारियों में लग गया है। इससे तालाब की जमीन पर कब्जा करने वालों में खलबली मच गई है।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश है कि किसी भी जिले में अगर तालाब की जमीन पर अतिक्रमण है, तो उसे तत्काल हटाया जाए। प्रदेश में योगी सरकार का गठन होने के बाद उन्होंने भी एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन इस उद्देश्य से किया था कि सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराया जा सके, लेकिन वास्तविकता ये है कि इस सरकार के कार्यकाल में सरकारी जमीनों पर कब्जा बढ़ता जा रहा है। वजीरगंज में भी हाईवे किनारे स्थित तालाब की जमीन पर कब्जे के मामले में भी यही हुआ। सालों पहले यहां तालाब की जमीन पर पट्टे किए गए, जिसके बाद यहां लोगों ने व्यावसायिक और रिहायशी भवन बना लिए। भूमि की कीमतें बढ़ी तो सबने अपने अपने हिसाब से इसे बेचा और आर्थिक लाभ कमाया। इसके बाद से चाहें कब्जाधारक हो या नगर पंचायत या फिर तहसील प्रशासन, सब अपने अपने हित को देखते हुए इसे सही या गलत ठहरा रहे थे। कब्जाधारक जहां इसे अपनी जमीन बता रहे थे वहीं तहसील प्रशासन ने इसे अवैध कब्जा बताते हुए पहले सभी लोगों पर 122 बी के तहत कार्रवाई भी की थी, लेकिन सत्ताधारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला दबा दिया गया। पिछले दिनों एक शिकायत पर मामला सुर्खियों में आया तो प्रशासन के हस्तक्षेप पर एक व्यक्ति को दुकान का निर्माण ध्वस्त कराना पड़ गया, हालांकि उसने भी केवल बाहर का थोड़ा सा निर्माण हटाकर औपचारिकता पूरी कर ली थी। पिछले दिनों तहसीलदार की ओर से 35 लोगों को नोटिस भी जारी किए गए थे जिसमें उन्हें जवाब देने लिए 12 फरवरी की तारीख दी गई थी लेकिन एक सप्ताह बाद भी बात आगे नहीं बढ़ी। गुरुवार को कमिश्नर और जिले के नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद ने अधिकारियों की बैठक ली तो उन्हें तालाब और सरकारी जमीनों पर हुए कब्जे हटाने की सख्त चेतावनी दी। इसके लिए कमिश्नर ने अधिकारियों को एक सप्ताह की मोहलत दी। इसके बाद तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम सीपी सरोज ने नगर पंचायत के ईओ को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वजीरगंज के तालाब की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को चिह्नित करते हुए इसे हटाये जाने के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। एसडीएम ने ईओ को इसके बारे में उन्हें तत्काल अवगत कराने को कहा है।
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अब तक टालने में लगे थे अधिकारी
कस्बा वजीरगंज के लोगों में चर्चा थी कि कुछ लोग अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए तालाब की जमीन पर किए गए कब्जे के मामले को रफा दफा करने में लगे हैं। हालांकि राजनीति से जुड़े कुुछ लोग इसे हवा भी दे रहे थे, लेकिन अधिकारी इसे दबाने में लगे थे। यही वजह थी कि जिला प्रशासन द्वारा बार बार कहे जाने के बाद भी तहसील प्रशासन इसमें टालमटोल कर रहा था, लेकिन कमिश्नर का आदेश मिलने के बाद अब अधिकारी इससे बच नहीं पाएंगे।
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कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तालाबों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं रहना चाहिए। वजीरगंज में तालाब की जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। उसको हटवाने के लिए ईओ को निर्देशित किया है।

- सीपी सरोज, एसडीएम बिसौली
तालाब की जमीन पर जिन लोगों ने कब्जा किया है, उन्हें हटना ही पड़ेगा। चूंकि यह लोग यहां काफी पहले से रह रहे हैं। ऐसे में इनको हटाने से पहले विधिक कार्रवाई की जा रही है। इन लोगों को तहसीलदार कोर्ट से नोटिस भी जारी हो चुके हैं।
- डीके रॉय, ईओ वजीरगंज
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