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Budaun News: ढाबा बंद करके भागे कर्मचारी, छानबीन में जुटी पुलिस
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सिलहरी। दो डीसीएम चालकों की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद कर्मचारी पटियाली ढाबा को बंद करके भाग गए। पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के पटियाली ढाबा में करंट लगने से डीसीएम चालक प्रमोद और गुड्डू की मंगलवार रात मौत हो गई। वह डीसीएम लेकर ककराला से अमरोहा जा रहे थे। तभी वह रास्ते में खाना खाने को पटियाली ढाबा पर रुके थे। खाना खाने के बाद उन्होंने धोखे में लोहे का पाइप पकड़ लिया था जिसमें बिजली का करंट आ रहा था। उससे वह बेहोश हो गए थे। बाद में उनकी जिला अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी।
उधर, ढाबा मालिक वीरेंद्र मिश्रा का कहना था कि खाना खाने के बाद दोनों चालक ट्रांसफॉर्मर के नीचे लघुशंका करने गए थे। इस समय उनकी करंट लगने से जान चली गई। पुलिस और विद्युत निगम की छानबीन के दौरान ट्रांसफार्मर के नीचे करंट लगने के कोई साक्ष्य नहीं मिले। तब पुलिस ने डीसीएम चालक प्रमोद के भाई विनोद की तहरीर पर ढाबा मालिक वीरेंद्र शर्मा और उसके पांच कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। ढाबा मालिक को बयान दर्ज करने के बाद छोड़ दिया गया।
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इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह का कहना कि ढाबा मलिक ने अपने बयान में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। लगातार छानबीन चल रही है। इसमें विवेचना के आधार पर कार्रवाई होगी।
चालक का भाई बोला- भोजन की गुणवत्ता को लेकर हुई थी कहासुनी
सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में विनोद का कहना है कि ढाबा में भोजन की गुणवत्ता को लेकर कहासुनी हुई थी। जब दोनों चालक ढाबा में पहुंचे तो बर्तन गंदे थे और भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी। इससे दोनों चालकों की कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। उसके बाद ढाबा मालिक और उसके कर्मचारियों ने लाठी-डंडे से दोनों चालकों के साथ मारपीट की। फिर बिजली का करंट लगा दिया।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के पटियाली ढाबा में करंट लगने से डीसीएम चालक प्रमोद और गुड्डू की मंगलवार रात मौत हो गई। वह डीसीएम लेकर ककराला से अमरोहा जा रहे थे। तभी वह रास्ते में खाना खाने को पटियाली ढाबा पर रुके थे। खाना खाने के बाद उन्होंने धोखे में लोहे का पाइप पकड़ लिया था जिसमें बिजली का करंट आ रहा था। उससे वह बेहोश हो गए थे। बाद में उनकी जिला अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी।
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उधर, ढाबा मालिक वीरेंद्र मिश्रा का कहना था कि खाना खाने के बाद दोनों चालक ट्रांसफॉर्मर के नीचे लघुशंका करने गए थे। इस समय उनकी करंट लगने से जान चली गई। पुलिस और विद्युत निगम की छानबीन के दौरान ट्रांसफार्मर के नीचे करंट लगने के कोई साक्ष्य नहीं मिले। तब पुलिस ने डीसीएम चालक प्रमोद के भाई विनोद की तहरीर पर ढाबा मालिक वीरेंद्र शर्मा और उसके पांच कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। ढाबा मालिक को बयान दर्ज करने के बाद छोड़ दिया गया।
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इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह का कहना कि ढाबा मलिक ने अपने बयान में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। लगातार छानबीन चल रही है। इसमें विवेचना के आधार पर कार्रवाई होगी।
चालक का भाई बोला- भोजन की गुणवत्ता को लेकर हुई थी कहासुनी
सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में विनोद का कहना है कि ढाबा में भोजन की गुणवत्ता को लेकर कहासुनी हुई थी। जब दोनों चालक ढाबा में पहुंचे तो बर्तन गंदे थे और भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी। इससे दोनों चालकों की कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। उसके बाद ढाबा मालिक और उसके कर्मचारियों ने लाठी-डंडे से दोनों चालकों के साथ मारपीट की। फिर बिजली का करंट लगा दिया।