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तेज बुखार से मिस्त्री और महिला की मौत
उझानी (बदायूं)।
Updated Thu, 01 Oct 2015 11:38 PM IST
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इलाके में डेंगू की अफवाह के बीच बुखार आने पर हालत बिगड़ने के बाद महिला समेत दो और लोगों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में नल मिस्त्री भी शामिल है। बीमार पड़ने पर दोनों को हालांकि निजी चिकित्सकों को दिखाया गया था। उनका चेकअप भी कराया गया लेकिन जांच रिपोर्ट को लेकर पसोपेश बरकरार रहा।
मोहल्ला अयोध्यागंज निवासी 55 वर्षीय नल मिस्त्री जगपाल चार दिन पहले बीमार पड़ा। उसे बुखार आया था। इलाज के दौरान बुखार से उसकी हालत बिगड़ती गई। बुधवार शाम उसने इलाज के दौरान ही दमतोड़ दिया। घरवालों में मनोज ने बताया कि निजी चिकित्सक ने चेकअप कराने के बाद डेंगू की आशंका जताई थी। अयोध्यागंज में रामरहीस, और रामपाल बीमार है। उनका भी चेकअप कराया गया है।
इसके अलावा पठानटोला मोहल्ले में रशीद अहमद की 38 वर्षीय पत्नी सलमा ने भी बीती शाम अंतिम सांस ली। बुखार से पीड़ित सलमा की हालत में सुधार होने पर परिजन इलाज के बाद घर ले आए थे। रशीद ने बताया कि इलाज के दौरान निजी चिकित्सक यही स्पष्ट नहीं कर पाया कि उसे डेंगू था या फिर बुखार दिमाग पर अटैक कर गया। बता दें कि इलाके में तेज बुखार और डेंगू से पहले ही छात्रा और महिला समेत 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इधर, चिकित्साधिकारी डॉ. निरंजन सिंह ने बताया कि बुखार के रोगियों की संख्या में इजाफा तो हुआ है, लेकिन अस्पताल में ऐसा को मरीज नहीं आया जिसमें डेंगू जैसे भी लक्षण नजर आते।
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इंसेट
गांवों में गंदगी से बढ़ा मच्छरों का प्रकोप
उझानी। इलाके के कई गांवों में सफाई व्यवस्था पर गौर नहीं किए जाने और जलभराव की वजह से मच्छरों का प्रकोप बना हुआ है। नगर से सटे गांव नरऊ में तो कई बच्चे बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मी नियमित नहीं आता। आबादी से सटे इलाके में तालाब का पानी भी नुकसानदेह साबित हो रहा है।
मोहल्ला अयोध्यागंज निवासी 55 वर्षीय नल मिस्त्री जगपाल चार दिन पहले बीमार पड़ा। उसे बुखार आया था। इलाज के दौरान बुखार से उसकी हालत बिगड़ती गई। बुधवार शाम उसने इलाज के दौरान ही दमतोड़ दिया। घरवालों में मनोज ने बताया कि निजी चिकित्सक ने चेकअप कराने के बाद डेंगू की आशंका जताई थी। अयोध्यागंज में रामरहीस, और रामपाल बीमार है। उनका भी चेकअप कराया गया है।
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इसके अलावा पठानटोला मोहल्ले में रशीद अहमद की 38 वर्षीय पत्नी सलमा ने भी बीती शाम अंतिम सांस ली। बुखार से पीड़ित सलमा की हालत में सुधार होने पर परिजन इलाज के बाद घर ले आए थे। रशीद ने बताया कि इलाज के दौरान निजी चिकित्सक यही स्पष्ट नहीं कर पाया कि उसे डेंगू था या फिर बुखार दिमाग पर अटैक कर गया। बता दें कि इलाके में तेज बुखार और डेंगू से पहले ही छात्रा और महिला समेत 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इधर, चिकित्साधिकारी डॉ. निरंजन सिंह ने बताया कि बुखार के रोगियों की संख्या में इजाफा तो हुआ है, लेकिन अस्पताल में ऐसा को मरीज नहीं आया जिसमें डेंगू जैसे भी लक्षण नजर आते।
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उझानी। इलाके के कई गांवों में सफाई व्यवस्था पर गौर नहीं किए जाने और जलभराव की वजह से मच्छरों का प्रकोप बना हुआ है। नगर से सटे गांव नरऊ में तो कई बच्चे बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मी नियमित नहीं आता। आबादी से सटे इलाके में तालाब का पानी भी नुकसानदेह साबित हो रहा है।