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मूल्यांकन: गैरहाजिर परीक्षकों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
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बदायूं। इस बार प्रदेश सरकार को यूपी बोर्ड की परीक्षा कराना किसी चुनौती से कम साबित नहीं हुआ, कई प्रश्नपत्रों में शिक्षा माफिया प्रशासन पर हावी रहे। जैसे-तैसे परीक्षाएं खत्म हुईं तो अब मूल्यांकन में परीक्षक नहीं पहुंच रहे हैं। इससे कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारी ऐसे परीक्षकों पर कार्रवाई के मूड में हैं। चारों केंद्रों से अनुपस्थित रहने वालों का डाटा मांगा गया है।
जिले के राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज, कुंवर रुकुम सिंह नगला इंटर कॉलेज में 23 अप्रैल से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो चुका है। पहले दिन से लेकर अब तक मूल्यांकन केंद्रों पर कई उप प्रधान परीक्षक व परीक्षक नदारद चल रहे हैं, इस कारण मूल्यांकन का काम पूरी गति से आगे नहीं बढ़ रहा है। इसको लेकर डीआईओएस ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां के अनुपस्थित चल रहे उप्र प्रधान परीक्षक (डीएचई) व परीक्षकों का डाटा जल्द से जल्द दें ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। डीआईओएस डॉ. प्रवेश कुमार ने बताया कि जिस प्रकार यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में शिक्षकों ने गंभीरता दिखाई ठीक उसी प्रकार उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गंभीरता दिखाई जानी है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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जिले के राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज, कुंवर रुकुम सिंह नगला इंटर कॉलेज में 23 अप्रैल से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो चुका है। पहले दिन से लेकर अब तक मूल्यांकन केंद्रों पर कई उप प्रधान परीक्षक व परीक्षक नदारद चल रहे हैं, इस कारण मूल्यांकन का काम पूरी गति से आगे नहीं बढ़ रहा है। इसको लेकर डीआईओएस ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां के अनुपस्थित चल रहे उप्र प्रधान परीक्षक (डीएचई) व परीक्षकों का डाटा जल्द से जल्द दें ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। डीआईओएस डॉ. प्रवेश कुमार ने बताया कि जिस प्रकार यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में शिक्षकों ने गंभीरता दिखाई ठीक उसी प्रकार उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गंभीरता दिखाई जानी है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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