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ऑनलाइन लेखन प्रतियोगिता में सुनीता व सुमन अव्वल
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बदायूं। माहेश्वरी साहित्यकार मंच ने ऑनलाइन लेखन प्रतियोगिता आयोजित की। इसका विषय ‘पुरवाई त्योहारों की’ रखा गया। प्रतियोगिता में सुनीता और सुमन अव्वल रहे।
इस मौके पर हुई गोष्ठी में संस्थापक सतीश लाखोटिया (नागपुर) ने कहा कि यह संस्कृतियों व त्यौहारों की परंपरा का देश है। मधु भूतड़ा अक्षरा (जयपुर) ने कहा कि जीवन कठपुतली के समान है, जिसकी डोर परमात्मा के हाथ में है। कलावती कर्वा (पश्चिमी बंगाल) ने सरस्वती वंदना की। स्वाति जैसलमेरिया ने कहा कि नयी ऊर्जा व स्फूर्ति का त्यौहार संचरण करते हैं। श्याम सुंदर माहेश्वरी व लाखनलाल माहेश्वरी ने त्यौहारों की महत्ता पर विचार व्यक्त किए। विनीता निर्झर, लता राठी (जोधपुर )ने भी विचार रखे।
प्रतियोगिता में पहले स्थान पर सुनीता माहेश्वरी व सुमन माहेश्वरी, द्वितीय स्थान पर विनीता कावरा और तृतीय स्थान पर पूजा नवीरा रही। संवाद
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इस मौके पर हुई गोष्ठी में संस्थापक सतीश लाखोटिया (नागपुर) ने कहा कि यह संस्कृतियों व त्यौहारों की परंपरा का देश है। मधु भूतड़ा अक्षरा (जयपुर) ने कहा कि जीवन कठपुतली के समान है, जिसकी डोर परमात्मा के हाथ में है। कलावती कर्वा (पश्चिमी बंगाल) ने सरस्वती वंदना की। स्वाति जैसलमेरिया ने कहा कि नयी ऊर्जा व स्फूर्ति का त्यौहार संचरण करते हैं। श्याम सुंदर माहेश्वरी व लाखनलाल माहेश्वरी ने त्यौहारों की महत्ता पर विचार व्यक्त किए। विनीता निर्झर, लता राठी (जोधपुर )ने भी विचार रखे।
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प्रतियोगिता में पहले स्थान पर सुनीता माहेश्वरी व सुमन माहेश्वरी, द्वितीय स्थान पर विनीता कावरा और तृतीय स्थान पर पूजा नवीरा रही। संवाद