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शाम तक साक्षात्कार चलने पर शिक्षकों ने किया हंगामा
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बदायूं। बेसिक के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के लिए शाम तक साक्षात्कार चलने पर सुबह से आए शिक्षकों का संयम जवाब दे गया। इन लोगों ने डायट प्राचार्य के कक्ष में घुसकर हंगामा किया। बीएसए ने हस्तक्षेप कर किसी तरह इन लोगों को शांत किया।
पिछले दिनों इन लोगों की राजकीय महिला इंटर कॉलेज में लिखित परीक्षा हुई थी। सोमवार को डायट परिसर में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। साक्षात्कार दोपहर 12 बजे से होना था, लेकिन प्रक्रिया दिन में दो बजे के बाद में शुरू हो सकी। दूरदराज से आए शिक्षक सुबह से ही साक्षात्कार को पहुंच गए थे। शुरुआती दौर में एक शिक्षक पर करीब 10 मिनट का समय लगा। जिसके चलते शाम पांच बजे तक कुछ शिक्षकों का ही साक्षात्कार हो सका। इस पर अंधेरा होने पर दूरदराज से आए शिक्षकों ने नाराजगी जाहिर करना शुरू कर दी। उनका कहना था कि देर से साक्षात्कार शुरू होने के कारण यह स्थिति बनी है। जब इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई, तो सभी शिक्षक डायट प्राचार्य के चैंबर में घुस गए और हंगामा करने लगे, जिस पर बीएसए रामपाल सिंह राजपूत ने हस्तक्षेप कर किसी तरह से इन लोगों को शांत किया।
साक्षात्कार लेने वाले पैनल में बीएसए रामपाल सिंह राजपूत, डायट प्राचार्य राजीव दिवाकर, जीआईसी प्रवक्ता सुरेंद्र कुमार शामिल रहे।
लिपिक की कमी की वजह से व्यवस्था खराब हुई। सभी शिक्षकों को एक साथ नहीं बुलाना चाहिए था। कुछ शिक्षक देरी को लेकर हंगामा कर रहे थे उन्हें समझा कर शांत किया गया।
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-रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
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पिछले दिनों इन लोगों की राजकीय महिला इंटर कॉलेज में लिखित परीक्षा हुई थी। सोमवार को डायट परिसर में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। साक्षात्कार दोपहर 12 बजे से होना था, लेकिन प्रक्रिया दिन में दो बजे के बाद में शुरू हो सकी। दूरदराज से आए शिक्षक सुबह से ही साक्षात्कार को पहुंच गए थे। शुरुआती दौर में एक शिक्षक पर करीब 10 मिनट का समय लगा। जिसके चलते शाम पांच बजे तक कुछ शिक्षकों का ही साक्षात्कार हो सका। इस पर अंधेरा होने पर दूरदराज से आए शिक्षकों ने नाराजगी जाहिर करना शुरू कर दी। उनका कहना था कि देर से साक्षात्कार शुरू होने के कारण यह स्थिति बनी है। जब इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई, तो सभी शिक्षक डायट प्राचार्य के चैंबर में घुस गए और हंगामा करने लगे, जिस पर बीएसए रामपाल सिंह राजपूत ने हस्तक्षेप कर किसी तरह से इन लोगों को शांत किया।
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साक्षात्कार लेने वाले पैनल में बीएसए रामपाल सिंह राजपूत, डायट प्राचार्य राजीव दिवाकर, जीआईसी प्रवक्ता सुरेंद्र कुमार शामिल रहे।
लिपिक की कमी की वजह से व्यवस्था खराब हुई। सभी शिक्षकों को एक साथ नहीं बुलाना चाहिए था। कुछ शिक्षक देरी को लेकर हंगामा कर रहे थे उन्हें समझा कर शांत किया गया।
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-रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए