फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   District prison prisoner Hartatak of death

जिला कारागार के बंदी की हार्टअटैक से मौत

Tue, 02 Jun 2015 12:03 AM IST
badaun
badaun Updated Tue, 02 Jun 2015 12:03 AM IST
विज्ञापन

प्रधान की हत्या के मामले में आरोपी बंदी की हार्टअटैक से मौत हो गई। उसके परिवार वाले हत्या का आरोप लगा रहे हैं। वह सात माह से जिला जेल में बंद था। रविवार रात हालत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम में मौत की वजह हार्टअटैक बताई गई है।

विज्ञापन

संभल जिले के थाना गुन्नौर अंतर्गत गांव बुधौती फाजलपुर में अक्तूबर 2014 में प्रधान शिव नारायण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में गांव के रामऔतार, लायक सिंह, औतारी, मदन सिंह, प्रेम सिंह और राधे आरोपी थी। इनमें तीन लोगों को जमानत मिल चुकी है।  रामऔतार (25) पुत्र दरियाव सिंह की रविवार रात साढ़े आठ बजे हालत बिगड़ गई। उसको सीने में तेज दर्द की शिकायत थी। जेल प्रशासन ने उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल भेजा। जिला अस्पताल में रामऔतार की मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि रंजिशन दूसरे पक्ष के लोगों ने जेल में रामऔतार को जहर खिला दिया। हालांकि पैनल से हुए पोस्टमार्टम में मौत की वजह हार्टअटैक बताई गई है।
विज्ञापन


रविवार रात रामऔतार को सीने में दर्द उठा था। उसे जिला अस्पताल भेजा गया। वहां उसकी मौत हो गई। उसके बैरक के बंदियों से भी बात की गई है। परिवार वाले आरोप लगा रहे हैं, यह जांच का विषय है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-अरविंद पांडेय, जेलर

जेल में नहीं बंदियों के
उपचार की व्यवस्था
बदायूं। जिला जेल में बंदियों के इलाज के मुकम्मल इंतजाम नहीं हैं। जेल अस्पताल सिर्फ एक फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। किसी स्थायी डॉक्टर की यहां तैनाती नहीं है। ऐसे में इलाज में देरी बंदियों पर भारी पड़ती है।

बदायूं जिला जेल की क्षमता 529 बंदियों की है। यहां दो हजार से ज्यादा बंदी और कैदी है। जेल में बंदियों के इलाज के लिए अस्पताल तो है, लेकिन अस्पताल में स्टाफ की कमी किसी से छिपा हुई नहीं है। दो हजार से ज्यादा बंदियों और कैदियों के इलाज की जिम्मेदारी सिर्फ एक फार्मासिस्ट पर है। हालांकि समय-समय पर जिला अस्पताल के डॉक्टर जेल पहुंचते हैं, लेकिन यह खानापूरी तक सीमित रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed