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परिस्थतियां बदलीं तो नकल का ट्रेंड भी बदल गया
बदायूं।
Updated Wed, 24 Feb 2016 11:46 PM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षाओं में सख्ती के चलते इस बार नकल माफिया पूरी तरह फेल नजर आ रहे हैं। कॉलेजों को भी अपना रिजल्ट बिगड़ता दिख रहा है। ऐसे में कॉलेज के शिक्षक ही केंद्रों पर नकल करा रहे हैं। नकल कराने का तरीका भी बड़ा रोचक है। इसे सुनकर हर कोई चकित रह जाए।
जिले के कई नामचीन कॉलेजों में शुमार विद्यालयों में परीक्षा केंद्र बनाने के बाद विभाग भी निश्चिंत हो गया था कि वहां नकल नहीं होगी। वह अन्य बदनाम कॉलेजों में छापेमारी करने में लग गया लेकिन मंगलवार को गणित के पेपर में सचल दल का मूवमेंट पता न लगने के कारण सभी विद्यालय अपने स्तर से बच्चों को प्रश्न हल करने में लग गए। विभागीय सूत्रों की मानें तो बिसौली और वजीरगंज क्षेत्र के कुछ विद्यालयों में गणित के पेपर में बहुविकल्पीय प्रश्रों के उत्तर बताने के लिए विद्यालय के कोड प्रयोग किया गया। बच्चों को अपनी कॉपियों पर विद्यालय का कोड डालने के लिए विद्यालय का कोड सही न बताकर प्रश्रों के उत्तर के क्रम में बोला गया। शिक्षक द्वारा बताए गए कोड को बच्चे प्रश्न पत्र पर टिक कर लेते हैं और उत्तर पुस्तिका में लिख देते हैं। इस बारे में विभाग को जब जानकारी हुई तो वह भी सकते में आ गया है ऐसी स्थिति में नकल विहिन परीक्षा कराना विभाग के बस में भी नहीं है।
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जिले के कई नामचीन कॉलेजों में शुमार विद्यालयों में परीक्षा केंद्र बनाने के बाद विभाग भी निश्चिंत हो गया था कि वहां नकल नहीं होगी। वह अन्य बदनाम कॉलेजों में छापेमारी करने में लग गया लेकिन मंगलवार को गणित के पेपर में सचल दल का मूवमेंट पता न लगने के कारण सभी विद्यालय अपने स्तर से बच्चों को प्रश्न हल करने में लग गए। विभागीय सूत्रों की मानें तो बिसौली और वजीरगंज क्षेत्र के कुछ विद्यालयों में गणित के पेपर में बहुविकल्पीय प्रश्रों के उत्तर बताने के लिए विद्यालय के कोड प्रयोग किया गया। बच्चों को अपनी कॉपियों पर विद्यालय का कोड डालने के लिए विद्यालय का कोड सही न बताकर प्रश्रों के उत्तर के क्रम में बोला गया। शिक्षक द्वारा बताए गए कोड को बच्चे प्रश्न पत्र पर टिक कर लेते हैं और उत्तर पुस्तिका में लिख देते हैं। इस बारे में विभाग को जब जानकारी हुई तो वह भी सकते में आ गया है ऐसी स्थिति में नकल विहिन परीक्षा कराना विभाग के बस में भी नहीं है।
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