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अक्षय नवमी पर लगाई आंवला के वृक्ष की परिक्रमा
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बदायूं। अक्षय नवमी पर्व पर महिलाओं ने आंवला के वृक्ष की परिक्रमा कर पूजा अर्चना की। इस दौरान महिलाओं ने भगवान राधा-कृष्ण के भजन भी गाए, साथ ही बुजुर्गों और ब्राह्मणों को दान दिया।
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को अक्षय नवमी के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व को मनाने वाले लोग भगवान विष्णु के प्रतीक आंवला पेड़ की पूजा करते हैं और परिवार की सुख समृद्धि की कामना करते हैं। मंगलवार को अक्षय नवमी पर्व पर भगवान विष्णु की पूजा करने वालों की होड़ रही। बिरुआबाड़ी मंदिर में आंवला के पेड़ के पास सुबह से ही भीड़ रही। पूजा करने वालों का दोपहर तक तांता लगा रहा। महिलाओं व युवतियों ने पेड़ की 108 परिक्रमा कर इतनी ही संख्या में विभिन्न खाद्य और अन्य वस्तुओं का दान किया। पूजा स्थल पर सामूहिक रूप से राधा कृष्ण के भजन गाए गए। श्रद्धालुओं ने बताया कि यह पर्व परिवार की समृद्धि का प्रतीक है। कार्तिक माह के चलते इसका महत्व और बढ़ जाता है। संवाद
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कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को अक्षय नवमी के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व को मनाने वाले लोग भगवान विष्णु के प्रतीक आंवला पेड़ की पूजा करते हैं और परिवार की सुख समृद्धि की कामना करते हैं। मंगलवार को अक्षय नवमी पर्व पर भगवान विष्णु की पूजा करने वालों की होड़ रही। बिरुआबाड़ी मंदिर में आंवला के पेड़ के पास सुबह से ही भीड़ रही। पूजा करने वालों का दोपहर तक तांता लगा रहा। महिलाओं व युवतियों ने पेड़ की 108 परिक्रमा कर इतनी ही संख्या में विभिन्न खाद्य और अन्य वस्तुओं का दान किया। पूजा स्थल पर सामूहिक रूप से राधा कृष्ण के भजन गाए गए। श्रद्धालुओं ने बताया कि यह पर्व परिवार की समृद्धि का प्रतीक है। कार्तिक माह के चलते इसका महत्व और बढ़ जाता है। संवाद
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