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Budaun News: सोशल मीडिया के अवगुणों से बढ़ रहे अपराध, स्वयं रहें जागरूक
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प्रेरणा शर्मा ,छात्रा
बदायूं। राजकीय महिला महाविद्यालय में बृहस्पतिवार को ‘पुलिस की पाठशाला’ कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि एसपी ग्रामीण केके सरोज ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया के अवगुणों से अपराध बढ़ रहे हैं। इससे खासकर महिलाओं और छात्राओं को सावधान रहने की जरूरत है।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एसपी ग्रामीण ने कहा कि महिलाएं भी अब निडर होकर घर से निकल रहीं हैं, लेकिन यदि उन्हें कभी भी पुलिस की आवश्यकता हो तो वे पुलिस का हेल्पलाइन नंबर 112 और 1090 अवश्य याद रखें।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक थाने में महिला हेल्पडेस्क का भी गठन किया गया है। एसपी ग्रामीण ने कहा कि इस समय साइबर अपराधी लोगों को ठगने के नए-नए तरीके प्रयोग में ला रहे हैं। वे लोगों के मोबाइल पर मैसेज व लिंक भेजते हैं। जब लोग मैसेज खोलते हैं तो उनकी सारी जानकारी अपराधियों के पास चली जाती है।
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इसके अलावा कई ऐसे एप आ रहे हैं, जिन्हें साइबर अपराधी आपको गुमराह कर मोबाइल में डाउनलोड कराते हैं और आपकी व्यक्तिगत जानकारी चुराकर उसका दुरुपयोग भी आप ही के ऊपर कर सकते हैं। आप जो भी एप्लीकेशन खोलते हैं, उस पर साइबर ठग की हमेशा नजर रहती है। मोबाइल में ऑनलाइन पेमेंट करने के दौरान अपराधी खास ध्यान रखते हैं। वह आपका पासवर्ड, आईडी आदि सब पता करके आपका खाता खाली कर सकते हैं।
सोशल मीडिया की लक्ष्मण रेखा को कभी न लांघें
साइबर सेल के प्रभारी एसआई अमित तिवारी ने बताया कि आज के दौर में हर व्यक्ति फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि चला रहा है, लेकिन इन सभी का प्रयोग लक्ष्मण रेखा की तरह ही करें। जैसे ही आपने रेखा लांघी वैसे ही आपको नुकसान हो जाएगा। अपना मोबाइल नंबर, जन्मतिथि या आधार नंबर को पासवर्ड न बनाएं। अपराधी ये पासवर्ड आसानी से पता कर आपको शिकार बना सकते हैं। इस दौरान प्राचार्य धनराम, शिक्षिका सरिता व छात्राएं मौजूद रहीं।
जिस भी एप का इस्तेमाल करें, उसकी शर्तें अच्छे से पढ़ लें
बीएससी प्रथम ससेमेस्टर की छात्रा इलमा ने पूछा कि कोई हमारा डाटा हैक कर ले ता क्या करें, इस पर एसपी ग्रामीण ने जवाब दिया कि पुलिस साइबर सेल के हेल्पलाइन नंबर 1930 में तुरंत शिकायत करें। इसी तरह बीएससी प्रथम सेमेस्टर की प्रेरणा शर्मा ने बढ़ते साइबर अपराध से किस तरह से बचा जा सकता है।
एसआई अमित तिवारी ने कहा कि जिस भी एप का इस्तेमाल करें, उसकी शर्तें अच्छे से पढ़ लें। अगर सहमत हैं तो आगे किसी भी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें। इसी तरह बीएससी तृतीय सेमेस्टर की अनमता इस्लाम ने पूछा कि कैसे पता करें कि कौन सी कॉल फर्जी है और कौन सी असली। एसपी ने बताया कि फ्रॉड कॉल के कुछ विशेष तरह के नंबर होते हैं। उनके अंकों की संख्या भी ज्यादा होती है। बीएससी तृतीय सेमेस्टर की दीप्ती साहू ने पूछा कि हमें फिर किसी भी सोशल मीडिया एप का इस्तेमाल नही करना चाहिए क्या,इस पर पुलिस ने कहा कि प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए इस्तेमाल कर सकते हैं।
छात्राओं ने कहा- सचेत रहने में ही है समझदारी
साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। लोगों को इसके बारे में सचेत रहने की जानकारी देने की आवश्यकता है। जब तक लोग इसके बारे में नहीं जानेंगे। तब तक वह यह नहीं समझ पाएंगे कि कौन सी कॉल फर्जी है और कौन सी असली। - प्रेरणा शर्मा ,बीएससी प्रथम सेमेस्टर
साइबर ठगों से सचेत रहने की जरूरत है। ऐसे कार्यक्रम एक अच्छी पहल हैं, इससे हमें काफी जानकारी मिली। कई नई बातें पता चलीं। अगर इन बातों को ध्यान में रखा जाए तो लोग हर हाल में साइबर अपराधियों के चंगुल से बच सकते हैं। -दीप्ती साहू, बीएससी तृतीय सेमेस्टर
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एसपी ग्रामीण ने कहा कि महिलाएं भी अब निडर होकर घर से निकल रहीं हैं, लेकिन यदि उन्हें कभी भी पुलिस की आवश्यकता हो तो वे पुलिस का हेल्पलाइन नंबर 112 और 1090 अवश्य याद रखें।
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उन्होंने बताया कि प्रत्येक थाने में महिला हेल्पडेस्क का भी गठन किया गया है। एसपी ग्रामीण ने कहा कि इस समय साइबर अपराधी लोगों को ठगने के नए-नए तरीके प्रयोग में ला रहे हैं। वे लोगों के मोबाइल पर मैसेज व लिंक भेजते हैं। जब लोग मैसेज खोलते हैं तो उनकी सारी जानकारी अपराधियों के पास चली जाती है।
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इसके अलावा कई ऐसे एप आ रहे हैं, जिन्हें साइबर अपराधी आपको गुमराह कर मोबाइल में डाउनलोड कराते हैं और आपकी व्यक्तिगत जानकारी चुराकर उसका दुरुपयोग भी आप ही के ऊपर कर सकते हैं। आप जो भी एप्लीकेशन खोलते हैं, उस पर साइबर ठग की हमेशा नजर रहती है। मोबाइल में ऑनलाइन पेमेंट करने के दौरान अपराधी खास ध्यान रखते हैं। वह आपका पासवर्ड, आईडी आदि सब पता करके आपका खाता खाली कर सकते हैं।
सोशल मीडिया की लक्ष्मण रेखा को कभी न लांघें
साइबर सेल के प्रभारी एसआई अमित तिवारी ने बताया कि आज के दौर में हर व्यक्ति फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि चला रहा है, लेकिन इन सभी का प्रयोग लक्ष्मण रेखा की तरह ही करें। जैसे ही आपने रेखा लांघी वैसे ही आपको नुकसान हो जाएगा। अपना मोबाइल नंबर, जन्मतिथि या आधार नंबर को पासवर्ड न बनाएं। अपराधी ये पासवर्ड आसानी से पता कर आपको शिकार बना सकते हैं। इस दौरान प्राचार्य धनराम, शिक्षिका सरिता व छात्राएं मौजूद रहीं।
जिस भी एप का इस्तेमाल करें, उसकी शर्तें अच्छे से पढ़ लें
बीएससी प्रथम ससेमेस्टर की छात्रा इलमा ने पूछा कि कोई हमारा डाटा हैक कर ले ता क्या करें, इस पर एसपी ग्रामीण ने जवाब दिया कि पुलिस साइबर सेल के हेल्पलाइन नंबर 1930 में तुरंत शिकायत करें। इसी तरह बीएससी प्रथम सेमेस्टर की प्रेरणा शर्मा ने बढ़ते साइबर अपराध से किस तरह से बचा जा सकता है।
एसआई अमित तिवारी ने कहा कि जिस भी एप का इस्तेमाल करें, उसकी शर्तें अच्छे से पढ़ लें। अगर सहमत हैं तो आगे किसी भी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें। इसी तरह बीएससी तृतीय सेमेस्टर की अनमता इस्लाम ने पूछा कि कैसे पता करें कि कौन सी कॉल फर्जी है और कौन सी असली। एसपी ने बताया कि फ्रॉड कॉल के कुछ विशेष तरह के नंबर होते हैं। उनके अंकों की संख्या भी ज्यादा होती है। बीएससी तृतीय सेमेस्टर की दीप्ती साहू ने पूछा कि हमें फिर किसी भी सोशल मीडिया एप का इस्तेमाल नही करना चाहिए क्या,इस पर पुलिस ने कहा कि प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए इस्तेमाल कर सकते हैं।
छात्राओं ने कहा- सचेत रहने में ही है समझदारी
साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। लोगों को इसके बारे में सचेत रहने की जानकारी देने की आवश्यकता है। जब तक लोग इसके बारे में नहीं जानेंगे। तब तक वह यह नहीं समझ पाएंगे कि कौन सी कॉल फर्जी है और कौन सी असली। - प्रेरणा शर्मा ,बीएससी प्रथम सेमेस्टर
साइबर ठगों से सचेत रहने की जरूरत है। ऐसे कार्यक्रम एक अच्छी पहल हैं, इससे हमें काफी जानकारी मिली। कई नई बातें पता चलीं। अगर इन बातों को ध्यान में रखा जाए तो लोग हर हाल में साइबर अपराधियों के चंगुल से बच सकते हैं। -दीप्ती साहू, बीएससी तृतीय सेमेस्टर

प्रेरणा शर्मा ,छात्रा

प्रेरणा शर्मा ,छात्रा

प्रेरणा शर्मा ,छात्रा