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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Who is the animal smugglers 'Mama'

कौन है पशु तस्करों का ‘मामा’

Thu, 05 Nov 2015 12:27 AM IST
बदायूं
बदायूं Updated Thu, 05 Nov 2015 12:27 AM IST
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 प्रतिबंधित पशुओं के तस्करों का ‘मामा’ कौन है? उसका नाम सुनते ही पुलिस खौफ क्यों खा गई? सच में कोई पशु तस्करों का ‘मामा’ है या फिर तस्करों ने ऐसे ही एक बड़े नेता का नाम ले दिया। पुलिस ने इसकी तस्दीक करना भी जरूरी नहीं समझा और बिना कार्रवाई के तीन तस्कर छोड़ दिए। इसके बाद तीनों तस्कर होंडा की लग्जरी कार से चले गए।
सहसवान सर्किल में इतनी बड़ी तादाद में प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी का मामला पहली बार सामने आया है। स्थानीय नागरिक और भाकियू कार्यकर्ताओं के मौके पर पहुंचने से पहले पुलिस ने खेल भी कर दिया। सिर्फ 73 पशुओं की बरामदगी लोगों के गले नहीं उतर रही। इलाके में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं भी हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो ट्रकों के साथ चल रही तस्करों की लग्जरी होंडा कार में सवार तीन लोगों में से एक ने खुद को एक बड़े नेता का मामा बताते हुए ट्रक छोड़ने को कहा था। इसके बाद पुलिस ने तीन ट्रकों से सिर्फ तीन तस्करों रामजीत, बन्ने खां निवासी इटावा और राजेश निवासी फिरोजाबाद की गिरफ्तारी दिखाई। -----
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तीन 14 टायरा ट्रकों में सिर्फ 73 पशु!
मुजरिया। तीन 14 टायरा ट्रकों में सिर्फ 73 पशुओं की बरामदगी की पुलिस की कहानी गले नहीं उतर रही है। जहां छह टायरा ट्रक में 40-50 पशुओं की बरामदगी होती रही है वहां एक 14 टायरा ट्रक में पुलिस सिर्फ 24 पशुओं की बरामदगी दिखा रही है। वह भी यह ट्रक इटावा से संभल जा रहे थे।
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तीन जिले पार करके पहुंच गए बदायूं तक
बदायूं। पुलिसिंग की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रतिबंधित पशुओं से भरे तीन ट्रक इटावा, एटा और कासगंज जिलों के कई थानों की सीमाओं को पार करते हुए बदायूं तक पहुंच गए। इनको कहीं पर भी नहीं रोका गया। यह कहना गलत नहीं लगा कि कोई बड़ा पशु तस्कर गैंग इसके पीछे है। जिसे सफेदपोशों के साथ पुलिस के बड़े अफसरों का बरदहस्त भी हासिल है।
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कई बड़े नेताओं और पुलिस अफसरों के नंबर मिले
मुजरिया। पशु तस्करों के पास एक कागज पर कई बड़े नेताओं के साथ पुलिस के बड़े अफसरों के नंबर लिखे हुए थे। एसएसपी इटावा, एटा, कासगंज के नंबर भी इस पर लिखे हुए हैं। इतना ही नहीं इन जिलों के कई माननीयों के नंबर भी इस कागज पर लिखे हुए हैं। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी करने वालों के तार कहां से कहां तक फैले हुए हैं।
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एक महीने पहले तस्करों ने किया था एसओ पर हमला
बदायूं। बेखौफ पशु तस्करों ने आठ अक्तूबर की रात एसओ उसहैत कमलेश सिंह को ट्रक से रौंदने की कोशिश की थी। प्रतिबंधित पशुओं से भरा हुआ यह ट्रक भी इटावा से रामपुर जा रहा था। तस्करों ने पुलिस के तीन बैरियर भी तोड़े थे। बाद में पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए रोड जाम कर ट्रक रोका था। इस ट्रक से 30 प्रतिबंधित पशु बरामद हुए थे। मामले में तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी।

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पशु तस्करों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार तस्करों पर गैंगस्टर लगाया जाएगा। थाने से तीन तस्करों को छोड़े जाने संबंधी मुझे कोई जानकारी नहीं मिली है। इस बारे में एसओ से बात की जाएगी।
-मुन्ना लाल, एसपी देहात
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