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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   ... Then get trounced by CBI

... तो फिर हो जाती सीबीआई की फजीहत

Wed, 27 Jan 2016 08:56 PM IST
बदायूं।
बदायूं। Updated Wed, 27 Jan 2016 08:56 PM IST
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कटरा सआदतगंज कांड में फिर किरकिरी होने से बचने के लिए सीबीआई ने बुधवार को मुख्य आरोपी पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी को यह आशंका थी कि 28 जनवरी को कोर्ट में पेशी से पहले पप्पू यादव फरार हो सकता है। इसके मद्देनजर गिरफ्तारी का कदम उठाया गया। स्पेशल जज पाक्सो एक्ट ने 18 जनवरी को पप्पू के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
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कटरा सआदतगंज कांड की क्लोजर रिपोर्ट खारिज होने से सीबीआई को झटका लगा था। कोर्ट ने पप्पू यादव को तलब किया तो सीबीआई की किरकिरी हुई। जांच पर अंगुलियां उठने लगीं। हालांकि जांच एजेंसी के अधिकारी दावा करते रहे कि क्लोजर रिपोर्ट सही है। सीबीआई के डीएसपी विजय शुक्ला का कहना था कि कोर्ट ने सिर्फ पप्पू यादव को पाक्सो एक्ट का आरोपी माना है। बाकी चार आरोपियों की भूमिका पर कोर्ट जांच एजेंसी से सहमत है।
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पप्पू यादव को 28 नवंबर को कोर्ट में पेश होना था। सम्मन तामील न होने की वजह से वह कोर्ट नहीं आया। इसके बाद कोर्ट ने 23 दिसंबर निर्धारित कर दी। इस बार सम्मन भी तामील हो गए लेकिन पप्पू हाजिर नहीं हुआ। 18 जनवरी को पप्पू के वकील ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर पेशी में छूट मांगी। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र खारिज कर पप्पू यादव के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।
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इस दौरान जांच एजेंसी की भी फटकार लगाते हुए 28 जनवरी मुकर्रर कर दी। सीबीआई को शक था कि पप्पू यादव 28 जनवरी को भी कोर्ट में पेश नहीं होगा। अगर ऐसा होता तो जांच एजेंसी की काफी फजीहत होती। ऐसे में सीबीआई ने फजीहत से पहले के लिए पप्पू यादव को एक दिन पहले ही गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया।
19 महीने बाद फिर पहुंचा बैरक नंबर छह में
बदायूं। करीब 19 महीने बाद कटरा सआदतगंज कांड के मुख्य आरोपी पप्पू यादव का नया ठिकाना फिर से जिला जेल की बैरक नंबर छह बन गया है। 29 मई 2014 को जब पप्पू यादव को पहली बार जेल भेजा गया था तब उसे इस बैरक में रखा गया था।
उस वक्त भी कटरा कांड को लेकर लोगों का गुस्सा देखते हुए उसी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। तीन महीने जेल में रहने के बाद उसे सितंबर 2014 में रिहा कर दिया गया था। रिहाई के बाद फिर से उसे जेल भेजा गया है। इस बार भी जेल प्रशासन पप्पू की सुरक्षा को लेकर सतर्क है।
हाईकोर्ट के आदेश से सीबीआई दबाव में
बदायूं। वादी पक्ष की ओर से स्पेशल जज पाक्सो एक्ट द्वारा पांच आरोपियों में सिर्फ पप्पू यादव को तलब किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मांग थी कि सभी आरोपियों को तलब किया जाए। इस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने बाकी कि सभी आरोपियों को भी तलब कर लिया था।

इससे सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर फिर से सवाल उठने लगे थे। हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए 15 फरवरी तय की है। इस आदेश के बाद से सीबीआई दबाव में है। कानून के जानकारों की मानें तो स्पेशल जज पाक्सो एक्ट और हाईकोर्ट के सख्त रुख के चलते ही सीबीआई ने पप्पू यादव को गिरफ्तार किया है।

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सीबीआई ने खुद की फजीहत बचाने के लिए आरोपी को गिरफ्तार किया है। अगर गुरुवार तक आरोपी को कोर्ट में पेश नहीं किया जाता तो कोर्ट सीबीआई के खिलाफ भी कड़ा रुख अपना सकता था। हमें उम्मीद है कि हाईकोर्ट बाकी चार आरोपियों के खिलाफ ट्रायल की स्वीकृति दे सकता है।
- ज्ञान सिंह शाक्य, वादी पक्ष के वकील
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