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दुष्कर्म के मामले में सात साल की सजा
बदायूं
Updated Mon, 03 Aug 2015 08:47 PM IST
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न्यायालय फास्टट्रैक न्यायाधीश रीता कौशिक ने दुष्कर्म के मामले में संभल जिला के थाना चंदौसी के गांव बर्रई निवासी आरोपी हरदेव पुत्र काशीराम को सात साल की कड़ी कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना बोला है। जुर्माना राशि न भरने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा का आदेश किया है।
घटना थाना धनारी के एक गांव की है। वादी ने एक अगस्त 2009 को थाने में सूचना दी कि उसकी पंद्रह वर्षीय बहन शाम के समय करीब आठ बजे शौच को गई थी जो वापस नहीं आई। उसे गांव और आसपास तलाश किया गया लेकिन उसकी कोई पता नहीं चल सका। उसी समय गांव के ईश्वरी पुत्र राम प्रसाद ने बताया कि लड़की को हरदेव पुत्र काशीराम के साथ पीपलबाड़ा गांव के पास जाते देखा है। उनसे पूछा तो बताया कि धनारी दवा दिलाने जा रहा है। अगले दिन वादी के गांव के लाल सिंह पुत्र प्यारे लाल मिले, उन्होंने बताया कि उसकी लड़की को आरोपी के साथ धनारी रेलवे स्टेशन पर चंदौसी जाने वाली ट्रेन में चढ़ते देखा। वादी और उसके परिवार वालों ने उसे काफी तलाश किया लेकिन सफलता नहीं मिली। वादी ने आरोप लगाया था कि उसकी बहन को संभल जिला के थाना चंदौसी के गांव बर्रई निवासी हरदेव पुत्र काशीराम ही बहला-फुसला कर ले गया।
विद्वान जज श्रीमती कौशिक ने पत्रावली का अवलोकन करने और गवाहों के बयानों को सुनने, प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद आरोपी हरदेव पुत्र काशीराम को किशोरी को भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाकर उसे सात वर्ष की कैद और 20 हजार जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना की रकम से बतौर मुआवजा 50 फीसदी राशि पीड़िता को देने का आदेश किया।
घटना थाना धनारी के एक गांव की है। वादी ने एक अगस्त 2009 को थाने में सूचना दी कि उसकी पंद्रह वर्षीय बहन शाम के समय करीब आठ बजे शौच को गई थी जो वापस नहीं आई। उसे गांव और आसपास तलाश किया गया लेकिन उसकी कोई पता नहीं चल सका। उसी समय गांव के ईश्वरी पुत्र राम प्रसाद ने बताया कि लड़की को हरदेव पुत्र काशीराम के साथ पीपलबाड़ा गांव के पास जाते देखा है। उनसे पूछा तो बताया कि धनारी दवा दिलाने जा रहा है। अगले दिन वादी के गांव के लाल सिंह पुत्र प्यारे लाल मिले, उन्होंने बताया कि उसकी लड़की को आरोपी के साथ धनारी रेलवे स्टेशन पर चंदौसी जाने वाली ट्रेन में चढ़ते देखा। वादी और उसके परिवार वालों ने उसे काफी तलाश किया लेकिन सफलता नहीं मिली। वादी ने आरोप लगाया था कि उसकी बहन को संभल जिला के थाना चंदौसी के गांव बर्रई निवासी हरदेव पुत्र काशीराम ही बहला-फुसला कर ले गया।
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विद्वान जज श्रीमती कौशिक ने पत्रावली का अवलोकन करने और गवाहों के बयानों को सुनने, प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद आरोपी हरदेव पुत्र काशीराम को किशोरी को भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाकर उसे सात वर्ष की कैद और 20 हजार जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना की रकम से बतौर मुआवजा 50 फीसदी राशि पीड़िता को देने का आदेश किया।
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