दहेज के लिए गर्भवती विवाहिता की हत्या
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दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने गर्भवती विवाहिता को जिंदा जलाकर मार दिया। मृतक के भाई की ओर से पति समेत चार लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
बरेली जिले के थाना सिरौली अंतर्गत गांव पतरइया निवासी भगवानदास पुत्र मंगलीराम ने अपनी बहन कांती देवी (24) की शादी 2006 में कुंवरगांव के औरंगाबाद खालसा में जीत सिंह के साथ की थी। भगवानदास का आरोप है कि शादी में काफी दान दहेज दिया था लेकिन ससुराली और दहेज की मांग कर रहे थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने शुक्रवार सुबह कांती देवी को जिंदा जलाकर मार दिया। कांती देवी छह माह की गर्भवती थीं। कांती देवी की हत्या को आत्महत्या साबित करने के लिए ससुरालियों ने ही पुलिस को सूचना दी। कांती देवी के भाई भगवानदास की तहरीर पर पुलिस ने पति जीत सिंह, ससुर त्रिमल, सास चमेली और जेठ मोहर सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया है।