{"_id":"20e18cd03bbbffd3c9ce83271629ce55","slug":"gangrape-victim-identify-the-place-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीड़िता ने थाने में की घटनास्थल की पुष्टि","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पीड़िता ने थाने में की घटनास्थल की पुष्टि
बदायूं।
Updated Sun, 04 Jan 2015 12:12 AM IST
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गैंगरेप की शिकार हुई किशोरी ने मूसाझाग थाने में घटनास्थल की पुष्टि की है। उसने पुलिस अधिकारियों को वह कमरा भी दिखाया, जहां दोनों सिपाहियों ने उसके साथ गैंगरेप किया था। इस बीच पीड़िता के घर पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस को तैनात कर दिया गया है।
शनिवार को पीड़िता को जांच अधिकारी एसओ मूसाझाग अशोक कुमार घटनास्थल की शिनाख्त के लिए थाने लाए थे। यहां पीड़िता ने बताया कि सिपाही वीरपाल यादव के कमरे में उसके साथ दुष्कर्म हुआ था। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने पीड़िता के धारा 164 के तहत बयान दर्ज किए। एसओ महिला थाना सुनीता मिश्रा कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़िता को मजिस्ट्रेट के समक्ष ले गई थीं।
इस बीच सीओ उझानी नरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से पीड़िता के घर पर एक दरोगा और दो सिपाहियों को तैनात कर दिया गया है। पीड़ित परिवार की हर तरह से सुरक्षा की जाएगी।
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एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और टीमें हो गईं फेल
बदायूं। किशोरी से गैंगरेप के आरोपी दोनों सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव पुलिस की पांच टीमों, लखनऊ एसटीएफ और क्राइम ब्रांच को चकमा दे रहे हैं। हालांकि सिपाहियों के संबंध में पूछताछ के लिए करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
मूसाझाग थाने के सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव पर 31 दिसंबर की रात थाने में नाबालिग से गैंगरेप का आरोप है। एक जनवरी को दोनों ने सुबह पांच बजे थाने में आदम दर्ज कराई थी। इसके बाद से दोनों फरार हैं। दोनों के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हैं। ऐसे में सर्विलांस के जरिए भी उनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है। घटना को लेकर शासन भी गंभीर है। बावजूद इसके आरोपी तीसरे दिन भी गिरफ्तार नहीं किए जा सके हैं। हालांकि एडीजी (क्राइम) एचसी अवस्थी ने आरोपी सिपाहियों की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।
पीड़ित परिवार पर पूर्व विधायक ने बनाया था दबाव
बदायूं। किशोरी से गैंगरेप के मामले में एक पूर्व विधायक ने पीड़ित परिवार पर समझौते के लिए दवाब बनाया था। पीड़िता किशोरी के चाचा और एक संबंधी ने बताया कि उनके पास एक पूर्व विधायक का फोन आया था। इसने उनसे कहा था कि वह कोई कार्रवाई न करें। मामले को पंचायत में बैठ कर निपटा दिया जाएगा। इस दौरान कई बार गैंगरेप के आरोपी सिपाही वीरपाल के चाचा मूसाझाग थाने के दरोगा सोबरन सिंह ने भी पीड़ित पक्ष को कई बार धमकाया था।
घटना की रिपोर्ट दर्ज होने में चौबीस घंटे लगने का कारण यही माना जा रहा है। रिपोर्ट दर्ज होने और मामला शासन तक पहुंचने के बाद यह सफेदपोश अब बचाव की भूमिका में नजर आ रहा है।
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शनिवार को पीड़िता को जांच अधिकारी एसओ मूसाझाग अशोक कुमार घटनास्थल की शिनाख्त के लिए थाने लाए थे। यहां पीड़िता ने बताया कि सिपाही वीरपाल यादव के कमरे में उसके साथ दुष्कर्म हुआ था। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने पीड़िता के धारा 164 के तहत बयान दर्ज किए। एसओ महिला थाना सुनीता मिश्रा कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़िता को मजिस्ट्रेट के समक्ष ले गई थीं।
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इस बीच सीओ उझानी नरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से पीड़िता के घर पर एक दरोगा और दो सिपाहियों को तैनात कर दिया गया है। पीड़ित परिवार की हर तरह से सुरक्षा की जाएगी।
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एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और टीमें हो गईं फेल
बदायूं। किशोरी से गैंगरेप के आरोपी दोनों सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव पुलिस की पांच टीमों, लखनऊ एसटीएफ और क्राइम ब्रांच को चकमा दे रहे हैं। हालांकि सिपाहियों के संबंध में पूछताछ के लिए करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
मूसाझाग थाने के सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव पर 31 दिसंबर की रात थाने में नाबालिग से गैंगरेप का आरोप है। एक जनवरी को दोनों ने सुबह पांच बजे थाने में आदम दर्ज कराई थी। इसके बाद से दोनों फरार हैं। दोनों के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हैं। ऐसे में सर्विलांस के जरिए भी उनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है। घटना को लेकर शासन भी गंभीर है। बावजूद इसके आरोपी तीसरे दिन भी गिरफ्तार नहीं किए जा सके हैं। हालांकि एडीजी (क्राइम) एचसी अवस्थी ने आरोपी सिपाहियों की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।
पीड़ित परिवार पर पूर्व विधायक ने बनाया था दबाव
बदायूं। किशोरी से गैंगरेप के मामले में एक पूर्व विधायक ने पीड़ित परिवार पर समझौते के लिए दवाब बनाया था। पीड़िता किशोरी के चाचा और एक संबंधी ने बताया कि उनके पास एक पूर्व विधायक का फोन आया था। इसने उनसे कहा था कि वह कोई कार्रवाई न करें। मामले को पंचायत में बैठ कर निपटा दिया जाएगा। इस दौरान कई बार गैंगरेप के आरोपी सिपाही वीरपाल के चाचा मूसाझाग थाने के दरोगा सोबरन सिंह ने भी पीड़ित पक्ष को कई बार धमकाया था।
घटना की रिपोर्ट दर्ज होने में चौबीस घंटे लगने का कारण यही माना जा रहा है। रिपोर्ट दर्ज होने और मामला शासन तक पहुंचने के बाद यह सफेदपोश अब बचाव की भूमिका में नजर आ रहा है।