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फर्जी खाते खोलकर करोड़ों का लेनदेन
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2016 11:46 PM IST
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बदायूं के सहसवान की एसबीआई मेन ब्रांच में पकड़ा गया मामला
आठ फर्जी बैंक खातों से दो माह में कर लिया ढाई करोड़ का लेनदेन
वहीं, फर्जी आईडी से खाते खुलाने पहुंचे तीन लोग पकड़े गए
फर्जी आईडी पर खुलवाए गए आठ बैंक खातों से दो महीने में करोड़ों रुपये के लेनदेन का मामला सामने आया है। सहसवान एसबीआई मेन ब्रांच में रैकेट का पता लगने के बाद बैंक अधिकारियों के साथ पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई है। खुफिया इकाई भी जानकारी जुटाने में लग गई है। बैंक प्रबंधक की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी गई है। मंगलवार को पुलिस ने बैंक कर्मचारियों के सहयोग से तीन लोगों को पकड़ भी लिया गया है। ये फर्जी आईडी पर बैंक खाता खुलवाने पहुंचे थे।
सहसवान तहसील के गांव मोहम्मदपुर ऊधा के आकाश पुत्र हरीश चंद्र, अशोक पुत्र जानकी, आकाश कुमार पुत्र रमेश बाबू, बबलू पुत्र पप्पू, मुकेश पुत्र विजय पाल, अशोक पुत्र नत्थू सिंह, वीरेंद्र पुत्र प्रानसुख और देवकरन पुत्र सोहन लाल के नाम कस्बे की एसबीआई मेन ब्रांच में बचत खाते हैं। एक मई से एक जुलाई तक इन खातों में करीब 2.50 करोड़ रुपये का लेनदेन हो गया। बैंक को जब यह मालूम हुआ कि बचत खातों में इतना बड़ा लेनदेन हो रहा है, तब इन सभी आठ लोगों को नोटिस जारी किए गए। कहा गया कि बचत खातों से इतना बड़ा लेनदेन नियमानुसार नहीं है। सभी लोग अपने खातों को करंट एकाउंट में तब्दील कराएं।
नोटिस मिलने के बाद ये सभी लोग बैंक पहुंचे। शाखा प्रबंधक को बताया कि उनका कोई खाता इस बैंक में नहीं है। इस पर खातों की पड़ताल की गई, तब पता लगा कि इन खातों को खोलने के लिए आईडी तो इन्हीं लोगों की लगी हैं, लेकिन फोटो और हस्ताक्षर दूसरे लोगों के हैं। इस पर बैंक शाखा में हड़कंप मच गया। मंगलवार को एसबीआई मेन ब्रांच में उवैश रजा पुत्र महरुल मोहम्मद इशहाक निवासी उदयवीर थाना वजीरगंज, अब्दुल कादिर पुत्र मोहम्मद सुलेमान और फरीद आलम पुत्र शमकीद अहमद फर्जी आईजी पर बैंक खाते खुलवाने मेन ब्रांच पहुंचे। इनके खाता फार्म पर शक हुआ तो बैंक कर्मचारियों ने पूछताछ की। इस पर तीनों बैंक से भाग गए।
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तीनों युवक इसके बाद एसबीआई की शहवाजपुर ब्रांच पहुंचे। फर्जी खाता के संबंध में बैंक अधिकारियों को पहले से बता दिया गया था। शक होने पर कर्मचारियों ने बैंक का चैनल बंद कर पुलिस को खबर दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया। प्रारंभिक पड़ताल में पता लगा कि तीनों के फार्म पर फोटो और हस्ताक्षर तो इनके हैं, लेकिन आईडी दूसरों की हैं। रिपोर्ट दर्ज कराने को शाखा प्रबंधक भूपेंद्र कुमार गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है।
मामला सामने आया है। बैंक शाखा प्रबंधक की ओर से तहरीर मिली है। पूरे मामले में जांच की जा रही है। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है।
-उमेश यादव, सीओ सहसवान
आठ फर्जी बैंक खातों से दो माह में कर लिया ढाई करोड़ का लेनदेन
वहीं, फर्जी आईडी से खाते खुलाने पहुंचे तीन लोग पकड़े गए
फर्जी आईडी पर खुलवाए गए आठ बैंक खातों से दो महीने में करोड़ों रुपये के लेनदेन का मामला सामने आया है। सहसवान एसबीआई मेन ब्रांच में रैकेट का पता लगने के बाद बैंक अधिकारियों के साथ पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई है। खुफिया इकाई भी जानकारी जुटाने में लग गई है। बैंक प्रबंधक की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी गई है। मंगलवार को पुलिस ने बैंक कर्मचारियों के सहयोग से तीन लोगों को पकड़ भी लिया गया है। ये फर्जी आईडी पर बैंक खाता खुलवाने पहुंचे थे।
सहसवान तहसील के गांव मोहम्मदपुर ऊधा के आकाश पुत्र हरीश चंद्र, अशोक पुत्र जानकी, आकाश कुमार पुत्र रमेश बाबू, बबलू पुत्र पप्पू, मुकेश पुत्र विजय पाल, अशोक पुत्र नत्थू सिंह, वीरेंद्र पुत्र प्रानसुख और देवकरन पुत्र सोहन लाल के नाम कस्बे की एसबीआई मेन ब्रांच में बचत खाते हैं। एक मई से एक जुलाई तक इन खातों में करीब 2.50 करोड़ रुपये का लेनदेन हो गया। बैंक को जब यह मालूम हुआ कि बचत खातों में इतना बड़ा लेनदेन हो रहा है, तब इन सभी आठ लोगों को नोटिस जारी किए गए। कहा गया कि बचत खातों से इतना बड़ा लेनदेन नियमानुसार नहीं है। सभी लोग अपने खातों को करंट एकाउंट में तब्दील कराएं।
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नोटिस मिलने के बाद ये सभी लोग बैंक पहुंचे। शाखा प्रबंधक को बताया कि उनका कोई खाता इस बैंक में नहीं है। इस पर खातों की पड़ताल की गई, तब पता लगा कि इन खातों को खोलने के लिए आईडी तो इन्हीं लोगों की लगी हैं, लेकिन फोटो और हस्ताक्षर दूसरे लोगों के हैं। इस पर बैंक शाखा में हड़कंप मच गया। मंगलवार को एसबीआई मेन ब्रांच में उवैश रजा पुत्र महरुल मोहम्मद इशहाक निवासी उदयवीर थाना वजीरगंज, अब्दुल कादिर पुत्र मोहम्मद सुलेमान और फरीद आलम पुत्र शमकीद अहमद फर्जी आईजी पर बैंक खाते खुलवाने मेन ब्रांच पहुंचे। इनके खाता फार्म पर शक हुआ तो बैंक कर्मचारियों ने पूछताछ की। इस पर तीनों बैंक से भाग गए।
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तीनों युवक इसके बाद एसबीआई की शहवाजपुर ब्रांच पहुंचे। फर्जी खाता के संबंध में बैंक अधिकारियों को पहले से बता दिया गया था। शक होने पर कर्मचारियों ने बैंक का चैनल बंद कर पुलिस को खबर दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया। प्रारंभिक पड़ताल में पता लगा कि तीनों के फार्म पर फोटो और हस्ताक्षर तो इनके हैं, लेकिन आईडी दूसरों की हैं। रिपोर्ट दर्ज कराने को शाखा प्रबंधक भूपेंद्र कुमार गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है।
मामला सामने आया है। बैंक शाखा प्रबंधक की ओर से तहरीर मिली है। पूरे मामले में जांच की जा रही है। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है।
-उमेश यादव, सीओ सहसवान