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गैर इरादतन हत्या में चार साल कैद, जुर्माना भी
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 21 Jan 2017 11:18 PM IST
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गुन्नौर में खुशी में की गई फायरिंग में हुई थी मौत
जुर्माना की आधी रकम मुआवजे में दी जाएगी
अपर सत्र न्यायाधीश दशम वीरेंद्र कुमार पांडेय ने गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए चार साल कैद और 60 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना की रकम में से 50 फीसदी बतौर मुआवजा मृतक की पत्नी को दिया जाएगा।
मामला गुन्नौर कोतवाली के गांव कुहेरा का है। गांव के जालिम सिंह पुत्र सुम्मेरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 17 जून 2012 को उसकी बेटी ज्ञानवती की शादी थी। बारात उसके दरवाजे पर थी। गांव के युवक खुशी में डांस करते हुए फायरिंग कर रहे थे। जीतपाल पुत्र पूरन सिंह के तमंचे से चली गोली से उसका बेटा प्रमोद घायल हो गया। इलाज के लिए अलीगढ़ ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। विद्वान न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडेय ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष के एडीजीसी रामेश्वरी और बचाव पक्ष के वकीलों की बहस सुनने के बाद जीतपाल को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। उसे चार साल कैद और 60 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
जुर्माना की आधी रकम मुआवजे में दी जाएगी
अपर सत्र न्यायाधीश दशम वीरेंद्र कुमार पांडेय ने गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए चार साल कैद और 60 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना की रकम में से 50 फीसदी बतौर मुआवजा मृतक की पत्नी को दिया जाएगा।
मामला गुन्नौर कोतवाली के गांव कुहेरा का है। गांव के जालिम सिंह पुत्र सुम्मेरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 17 जून 2012 को उसकी बेटी ज्ञानवती की शादी थी। बारात उसके दरवाजे पर थी। गांव के युवक खुशी में डांस करते हुए फायरिंग कर रहे थे। जीतपाल पुत्र पूरन सिंह के तमंचे से चली गोली से उसका बेटा प्रमोद घायल हो गया। इलाज के लिए अलीगढ़ ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। विद्वान न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडेय ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष के एडीजीसी रामेश्वरी और बचाव पक्ष के वकीलों की बहस सुनने के बाद जीतपाल को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। उसे चार साल कैद और 60 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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