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पहले जांच फिर गिरफ्तारी करेगी पुलिस
Updated Mon, 27 Nov 2017 12:07 AM IST
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दातागंज। हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव दुंदीनगला में गुरुवार रात हुई पूनम की हत्या और लूट के मामले में पुलिस ने अब तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। दरअसल घटना के बाद जिस तरह की स्थिति सामने आई है, उससे पुलिस नामजदों की बजाय करीबियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है।
बता दें कि जमीन की खरीद-फरोख्त से कुछ ही साल में करोड़पति बने नेत्रपाल उर्फ नेता की पत्नी पूनम का शव उसी के बिस्तर पर पड़ा मिला था। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। भतीजे की बारात से लौटे नेत्रपाल ने अपने धंधे में दुश्मनी की बात बताकर नौ लोगों के खिलाफ पत्नी की हत्या की रिपोर्ट कराई थी। नामजद लोगों में से अधिकतर नेत्रपाल के पुराने दोस्त थे जिनसे बाद में उसका छत्तीस का आंकड़ा हो गया था। कारोबारी दुश्मन पत्नी की हत्या और लूट की हद तक जाएंगे, यह बात पुलिस को हजम नहीं हो रही। नामजदों में से अधिकतर लोगों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वे अपने क्षेत्र के संपन्न लोगों में से हैं। ऐसे में पहले उनकी गिरफ्तारी करके पुलिस फिजूल में कोई नई उलझन लेना नहीं चाहती। रिपोर्ट में नेत्रपाल ने दर्शाया है कि इन लोगों ने उसके भतीजे अमित से रात में आकर पूछा था कि नेत्रपाल बारात में चला गया या नहीं? नामजदगी का मात्र इतना ही आधार होने से भी किसी को हत्यारोपी की तरह गिरफ्तार करने से पुलिस हिचकिचा रही है। थाना प्रभारी निसार हुसैन ने बताया कि वह विवेचना के प्रथम चरण में आरोपों की सत्यता परख रहे हैं। इसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचेंगे।
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बता दें कि जमीन की खरीद-फरोख्त से कुछ ही साल में करोड़पति बने नेत्रपाल उर्फ नेता की पत्नी पूनम का शव उसी के बिस्तर पर पड़ा मिला था। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। भतीजे की बारात से लौटे नेत्रपाल ने अपने धंधे में दुश्मनी की बात बताकर नौ लोगों के खिलाफ पत्नी की हत्या की रिपोर्ट कराई थी। नामजद लोगों में से अधिकतर नेत्रपाल के पुराने दोस्त थे जिनसे बाद में उसका छत्तीस का आंकड़ा हो गया था। कारोबारी दुश्मन पत्नी की हत्या और लूट की हद तक जाएंगे, यह बात पुलिस को हजम नहीं हो रही। नामजदों में से अधिकतर लोगों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वे अपने क्षेत्र के संपन्न लोगों में से हैं। ऐसे में पहले उनकी गिरफ्तारी करके पुलिस फिजूल में कोई नई उलझन लेना नहीं चाहती। रिपोर्ट में नेत्रपाल ने दर्शाया है कि इन लोगों ने उसके भतीजे अमित से रात में आकर पूछा था कि नेत्रपाल बारात में चला गया या नहीं? नामजदगी का मात्र इतना ही आधार होने से भी किसी को हत्यारोपी की तरह गिरफ्तार करने से पुलिस हिचकिचा रही है। थाना प्रभारी निसार हुसैन ने बताया कि वह विवेचना के प्रथम चरण में आरोपों की सत्यता परख रहे हैं। इसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचेंगे।
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