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संजरपुर मढ़ी का महंत हत्या, लूट में नामजद
Updated Thu, 22 Jun 2017 05:47 PM IST
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उझानी (बदायूं)।
रिसौली गांव के करन मौर्य की हत्या और लूट के मामले में संजरपुर मढ़ी के महंत वीरेंद्र की नामजदगी के साथ तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जबकि संजरपुर के एक व्यक्ति को मृतक के घरवालों ने क्लीनचिट दे दी है। मृतक के भाई ने चौथे दिन पुलिस को जो तहरीर दी, उसमें उसका नाम नहीं था। इसी के साथ पुलिस ने उसे हिरासत मुक्त कर दिया।
बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव रिसौली निवासी करन मौर्य (30) पुत्र भूपाल की लाश 18 जून को कोतवाली क्षेत्र में संजरपुर के ब्रह्मपाल सिंह के खेत में पड़ी मिली थी। करन के पास करीब 70 हजार रुपये भी थे जो उसकी पेंट की जेब में नहीं मिले थे। घटना के बाद चार दिन तक तहरीर को लेकर संशय बना रहा। मृतक के भाई वीरपाल ने तीसरे दिन कोतवाली पुलिस को जो तहरीर दी, उसमें दो लोगों के नाम और पते का जिक्र करते हुए तीन अज्ञात लोग बताए गए थे लेकिन शाम को ही घरवालों ने यह कहकर तहरीर वापस ले ली कि अगले दिन रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। प्रभारी निरीक्षक संजय गोयल के मुताबिक, वीरपाल ने बुधवार शाम को कोतवाली आकर तहरीर दी।
पुलिस ने संजरपुर मढ़ी के महंत वीरेंद्र को करन की हत्या और लूट में नामजद कर लिया है। घटना में चार लोग शामिल थे लेकिन तीन अज्ञात हैं। वीरेंद्र को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूछताछ की लेकिन उसने किसी के बारे में पता होने से इंकार कर दिया। वीरेंद्र खुद को गांव की राजनीति का शिकार बताता रहा। नामजदगी के साथ ही पुलिस ने संजरपुर के उस व्यक्ति को हिरासत मुक्त कर दिया जिसे घटना के अगले दिन शक में पकड़ा था।
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रिसौली गांव के करन मौर्य की हत्या और लूट के मामले में संजरपुर मढ़ी के महंत वीरेंद्र की नामजदगी के साथ तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जबकि संजरपुर के एक व्यक्ति को मृतक के घरवालों ने क्लीनचिट दे दी है। मृतक के भाई ने चौथे दिन पुलिस को जो तहरीर दी, उसमें उसका नाम नहीं था। इसी के साथ पुलिस ने उसे हिरासत मुक्त कर दिया।
बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव रिसौली निवासी करन मौर्य (30) पुत्र भूपाल की लाश 18 जून को कोतवाली क्षेत्र में संजरपुर के ब्रह्मपाल सिंह के खेत में पड़ी मिली थी। करन के पास करीब 70 हजार रुपये भी थे जो उसकी पेंट की जेब में नहीं मिले थे। घटना के बाद चार दिन तक तहरीर को लेकर संशय बना रहा। मृतक के भाई वीरपाल ने तीसरे दिन कोतवाली पुलिस को जो तहरीर दी, उसमें दो लोगों के नाम और पते का जिक्र करते हुए तीन अज्ञात लोग बताए गए थे लेकिन शाम को ही घरवालों ने यह कहकर तहरीर वापस ले ली कि अगले दिन रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। प्रभारी निरीक्षक संजय गोयल के मुताबिक, वीरपाल ने बुधवार शाम को कोतवाली आकर तहरीर दी।
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पुलिस ने संजरपुर मढ़ी के महंत वीरेंद्र को करन की हत्या और लूट में नामजद कर लिया है। घटना में चार लोग शामिल थे लेकिन तीन अज्ञात हैं। वीरेंद्र को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूछताछ की लेकिन उसने किसी के बारे में पता होने से इंकार कर दिया। वीरेंद्र खुद को गांव की राजनीति का शिकार बताता रहा। नामजदगी के साथ ही पुलिस ने संजरपुर के उस व्यक्ति को हिरासत मुक्त कर दिया जिसे घटना के अगले दिन शक में पकड़ा था।
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