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गैंगरेप के मुल्जिमों को 20 साल कैद
Updated Tue, 17 Oct 2017 12:30 AM IST
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बदायूं। करीब साढ़े तीन साल पहले उझानी कोतवाली क्षेत्र में एक विवाहिता से हुए गैंगरेप के मामले में फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट के न्यायाधीश परवेंद्र कुमार शर्मा ने दोनों मुल्जिमों को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 15-15 हजार का जुर्माना भी डाला है।
कोतवाली उझानी क्षेत्र में यह घटना 12 जुलाई 2014 को हुई थी। रात करीब साढ़े आठ बजे आरोपी राजू पुत्र रामचंद्र और नेत्रपाल पुत्र रघुवर दयाल एक विवाहिता के घर में घुस गए। दोनों ने करीब 28 वर्षीय विवाहिता को जबरन पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर दोनों ने पीड़ित महिला के मुंह पर कपड़ा ठूंस दिया। महिला का पति जब दूध बेचकर घर लौटा तब उसे घटना की जानकारी हुई। उसने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी मगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तब उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर आरोपी दोनों लोगों के खिलाफ विवाहिता से गैंगरेप की धाराओं में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।
न्यायाधीश परवेंद्र कुमार शर्मा ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी मुकेश बाबू यादव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद गैंगरेप में नामजद दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 20-20 साल की कैद के साथ ही 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदा होने पर 25 हजार रुपये पीड़ित को दिए जाने का भी आदेश सुनाया।
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कोतवाली उझानी क्षेत्र में यह घटना 12 जुलाई 2014 को हुई थी। रात करीब साढ़े आठ बजे आरोपी राजू पुत्र रामचंद्र और नेत्रपाल पुत्र रघुवर दयाल एक विवाहिता के घर में घुस गए। दोनों ने करीब 28 वर्षीय विवाहिता को जबरन पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर दोनों ने पीड़ित महिला के मुंह पर कपड़ा ठूंस दिया। महिला का पति जब दूध बेचकर घर लौटा तब उसे घटना की जानकारी हुई। उसने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी मगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तब उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर आरोपी दोनों लोगों के खिलाफ विवाहिता से गैंगरेप की धाराओं में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।
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न्यायाधीश परवेंद्र कुमार शर्मा ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी मुकेश बाबू यादव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद गैंगरेप में नामजद दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 20-20 साल की कैद के साथ ही 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदा होने पर 25 हजार रुपये पीड़ित को दिए जाने का भी आदेश सुनाया।
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