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गंभीर चोट पहुंचाने के आरोपी को सात साल की कैद
Updated Sat, 19 Aug 2017 10:03 AM IST
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बदायूं। स्पेशल जज एससी-एससी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में नामजद आरोपी को दोषी करार देते हुए सात साल की कड़ी सजा सुनाई। साथ ही आठ हजार रुपये का जुर्माना भी डाला।
यह घटना थाना जरीफनगर के गांव मोहरूवाला में छह मई 2007 को हुई थी। गांव के ही बाबूराम पुत्र सुखराम ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके गांव के प्रेमपाल पुत्र पालू सिंह को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। प्रेमपाल को शक था कि उसको वादी ने पुलिस से पकड़वाया है इसी से वह रंजिश मानने लगा। छह मई 2007 को करीब साढ़े तीन बजे प्रेमपाल अपने हाथ में कुल्हाड़ी और उसके साथी रक्षपाल के हाथ में लाठी थी। दोनों आरोपियों ने उसको मारपीट गंभीररूप से घायल कर दिया था। उसके शोर मचाने पर गांव के लोगों ने हमलावरों से बचाया। तब हमलावर घर की ओर भाग गए।
न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद गंभीर चोट पहुंचाने के आरोपी प्रेमपाल को सात साल की कड़ी सजा सुनाई। साथ ही उस पर आठ हजार रुपये का जुर्माना डाला है। बता दें कि दूसरे आरोपी रक्षपाल का मामला पहले ही तय हो चुका है इसलिए एक ही आरोपी हमलावर प्रेमपाल को कोर्ट ने सजा सुनाई।
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यह घटना थाना जरीफनगर के गांव मोहरूवाला में छह मई 2007 को हुई थी। गांव के ही बाबूराम पुत्र सुखराम ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके गांव के प्रेमपाल पुत्र पालू सिंह को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। प्रेमपाल को शक था कि उसको वादी ने पुलिस से पकड़वाया है इसी से वह रंजिश मानने लगा। छह मई 2007 को करीब साढ़े तीन बजे प्रेमपाल अपने हाथ में कुल्हाड़ी और उसके साथी रक्षपाल के हाथ में लाठी थी। दोनों आरोपियों ने उसको मारपीट गंभीररूप से घायल कर दिया था। उसके शोर मचाने पर गांव के लोगों ने हमलावरों से बचाया। तब हमलावर घर की ओर भाग गए।
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न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद गंभीर चोट पहुंचाने के आरोपी प्रेमपाल को सात साल की कड़ी सजा सुनाई। साथ ही उस पर आठ हजार रुपये का जुर्माना डाला है। बता दें कि दूसरे आरोपी रक्षपाल का मामला पहले ही तय हो चुका है इसलिए एक ही आरोपी हमलावर प्रेमपाल को कोर्ट ने सजा सुनाई।
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