{"_id":"6aa06a6c4936ac3a2a04d3bf","slug":"after-taal-sangroh-is-now-in-the-vigilance-bureaus-crosshairs-a-departmental-inquiry-has-uncovered-the-embezzlement-of-crores-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-207618-2026-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: ताल के बाद विजिलेंस के निशाने पर संगरोह, विभागीय जांच में मिला है करोड़ों का गबन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: ताल के बाद विजिलेंस के निशाने पर संगरोह, विभागीय जांच में मिला है करोड़ों का गबन
Wed, 09 Sep 2026 01:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 09 Sep 2026 01:35 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। कृषि सहकारी सभा संगरोह में करोड़ों रुपये के कथित गबन और फर्जी ऋण आवंटन के मामले में विजिलेंस जांच आगे बढ़ती नजर आ रही है। द ताल कृषि सहकारी सभा में एफडीआर से जुड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर विजिलेंस की ओर से केस दर्ज किए जाने के बाद संगरोह सभा का मामला भी जांच एजेंसी के निशाने पर है।
विजिलेंस थाना हमीरपुर ने सहकारिता विभाग से सभा से संबंधित तमाम रिकॉर्ड मांगा है। विभागीय जांच में संगरोह सभा में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का खुलासा हो चुका है। प्रारंभिक जांच में सभा के सचिव के परिजनों को करीब 13 करोड़ रुपये के ऋण जारी किए जाने और करीब पौने आठ करोड़ रुपये के कथित फर्जी ऋण आवंटित किए जाने की बात सामने आई थी।
इसके बाद सहकारिता विभाग ने मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस से पत्राचार किया था। भोरंज थाना में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है। विभाग के अनुसार वर्ष 2023 से 2026 तक के रिकॉर्ड का ऑडिट अभी जारी है।
विज्ञापन
ऑडिट पूरा होने में करीब डेढ़ से दो माह लगने की संभावना है। इसके बाद इस अवधि का रिकॉर्ड भी विजिलेंस को उपलब्ध करवाया जाएगा। वहीं, वर्ष 2022 से पहले के रिकॉर्ड की विजिलेंस की ओर से जांच की जा चुकी है।
अदालत से पहुंचे मामले
मामले में कई निवेशक भी अपना पैसा वापस न मिलने की शिकायत कर चुके हैं। कई एफडी की अवधि पूरी होने के बाद भी भुगतान नहीं होने के आरोप हैं। कुछ निवेशक न्यायालय और उपभोक्ता अदालत का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं। ऐसे में अब विजिलेंस की ओर से रिकॉर्ड तलब किए जाने के बाद मामले में कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी है। कई निवेशकों के चेक बाउंस हुए हैं। कुछ निवेशक ऐसे हैं कि जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है और पूरी कमाई सभा में निवेश की है।
सभा कमेटी की भूमिका सवालों में
सहकारिता विभाग ने मार्च में सभा की प्रबंधन समिति को जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करने और गबन के पहलुओं की पुलिस जांच के लिए शिकायत करने के निर्देश दिए थे। हालांकि इन निर्देशों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
कोट
विजिलेंस की ओर से संगरोह सभा का रिकॉर्ड मांगा गया है। वर्ष 2023 से 2026 तक का ऑडिट जारी है। इसके पूरा होने के बाद संबंधित रिकॉर्ड विजिलेंस को उपलब्ध करवाया जाएगा। मामले में विभागीय जांच जारी है। -रवि कुमार, सहायक पंजीयक, सहकारिता विभाग हमीरपुर
विज्ञापन
विजिलेंस थाना हमीरपुर ने सहकारिता विभाग से सभा से संबंधित तमाम रिकॉर्ड मांगा है। विभागीय जांच में संगरोह सभा में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का खुलासा हो चुका है। प्रारंभिक जांच में सभा के सचिव के परिजनों को करीब 13 करोड़ रुपये के ऋण जारी किए जाने और करीब पौने आठ करोड़ रुपये के कथित फर्जी ऋण आवंटित किए जाने की बात सामने आई थी।
विज्ञापन
इसके बाद सहकारिता विभाग ने मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस से पत्राचार किया था। भोरंज थाना में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है। विभाग के अनुसार वर्ष 2023 से 2026 तक के रिकॉर्ड का ऑडिट अभी जारी है।
विज्ञापन
ऑडिट पूरा होने में करीब डेढ़ से दो माह लगने की संभावना है। इसके बाद इस अवधि का रिकॉर्ड भी विजिलेंस को उपलब्ध करवाया जाएगा। वहीं, वर्ष 2022 से पहले के रिकॉर्ड की विजिलेंस की ओर से जांच की जा चुकी है।
अदालत से पहुंचे मामले
मामले में कई निवेशक भी अपना पैसा वापस न मिलने की शिकायत कर चुके हैं। कई एफडी की अवधि पूरी होने के बाद भी भुगतान नहीं होने के आरोप हैं। कुछ निवेशक न्यायालय और उपभोक्ता अदालत का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं। ऐसे में अब विजिलेंस की ओर से रिकॉर्ड तलब किए जाने के बाद मामले में कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी है। कई निवेशकों के चेक बाउंस हुए हैं। कुछ निवेशक ऐसे हैं कि जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है और पूरी कमाई सभा में निवेश की है।
सभा कमेटी की भूमिका सवालों में
सहकारिता विभाग ने मार्च में सभा की प्रबंधन समिति को जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करने और गबन के पहलुओं की पुलिस जांच के लिए शिकायत करने के निर्देश दिए थे। हालांकि इन निर्देशों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
कोट
विजिलेंस की ओर से संगरोह सभा का रिकॉर्ड मांगा गया है। वर्ष 2023 से 2026 तक का ऑडिट जारी है। इसके पूरा होने के बाद संबंधित रिकॉर्ड विजिलेंस को उपलब्ध करवाया जाएगा। मामले में विभागीय जांच जारी है। -रवि कुमार, सहायक पंजीयक, सहकारिता विभाग हमीरपुर