{"_id":"5ba53626867a557ff265e6ec","slug":"201537553958-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदायूं के युवक ने दिल्ली में लगाई फांसी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बदायूं के युवक ने दिल्ली में लगाई फांसी
Updated Fri, 21 Sep 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिलहरी (बदायूं)। भरकुईया गांव के एक युवक ने दिल्ली में फंदे पर लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इसकी सूचना मिलने पर परिवार वाले दिल्ली पहुंच गए। वहीं युवक के शव का पोस्टमार्टम हुआ। देर रात परिवार वाले शव को लेकर गांव लौटे।
करीब 18 वर्षीय अजय पटेल पुत्र दुर्विजय सिंह पटेल सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम भरकुईया निवासी था। अजय पटेल वर्तमान में दिल्ली के शास्त्री नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। बुधवार रात अजय ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह दस बजे तक उसका कमरा नहीं खुला तो आस-पास के किराएदारों ने आवाज लगाई। इसके बावजूद कमरे से कोई आवाज नहीं आई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और कुंडा तोड़कर दरवाजा खोला। उसके बाद पुलिस ने लोगों की मदद से शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, अजय की मौत की खबर सुनते ही परिवार वालों में कोहराम मच गया। परिवार वाले उसी समय दिल्ली रवाना हो गए थे। गुरुवार देर रात वह शव को लेकर गांव लौटे। शुक्रवार सुबह उन्होंने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
करीब 18 वर्षीय अजय पटेल पुत्र दुर्विजय सिंह पटेल सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम भरकुईया निवासी था। अजय पटेल वर्तमान में दिल्ली के शास्त्री नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। बुधवार रात अजय ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह दस बजे तक उसका कमरा नहीं खुला तो आस-पास के किराएदारों ने आवाज लगाई। इसके बावजूद कमरे से कोई आवाज नहीं आई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और कुंडा तोड़कर दरवाजा खोला। उसके बाद पुलिस ने लोगों की मदद से शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, अजय की मौत की खबर सुनते ही परिवार वालों में कोहराम मच गया। परिवार वाले उसी समय दिल्ली रवाना हो गए थे। गुरुवार देर रात वह शव को लेकर गांव लौटे। शुक्रवार सुबह उन्होंने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन