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बदायूं में मिले ककराला से लापता चारों बच्चे

Fri, 17 Nov 2017 12:17 AM IST
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:17 AM IST
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बदायूं में मिले ककराला से लापता चारों बच्चे
बदायूं में मिले चारों बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
अलापुर/ककराला। बुधवार सुबह ककराला कस्बे में घर से मदरसा जाने को निकले चार बच्चे गुरुवार को बदायूं में सिविल लाइंस ओवरब्रिज के नीचे घूमते मिल गए। बच्चों को किसी ने अगवा नहीं किया था, बड़ा लड़का आमिर ही इन्हें रिश्तेदारी में ले जाने के बहाने घर से ले आया था और फिर सब रास्ता भटक गए। इनके मिलने पर परिवार से ज्यादा राहत पुलिस को मिली है।
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ककराला के वार्ड नंबर आठ मोहल्ला पटिया निवासी लालू की बेटी रजीना (12), बेटे आरिश (10) और ताजीम (8) तथा इसी बस्ती के निवासी कल्लू का पुत्र आमिर (12) बुधवार सुबह आठ बजे घर से मदरसा जाने की बात कहकर निकले थे। बच्चे कस्बे के ही मदरसा अशफाकुल उलूम इस्लामियां में पढ़ाई करते हैं। रजीना दर्जा चार की, आरिफ दर्जा एक का, ताजीम दर्जा दो का छात्र है। आमिर सबसे बड़ा होने के बावजूद पहले दर्जे का छात्र है। बुधवार को दिन में 11 बजे तक बच्चे मदरसे नहीं आए तो प्रबंधक अखलाक अहमद ने उनके घर मदरसे के बच्चे भेजकर जानकारी कराई। इसके बाद परिवार और मदरसे के लोगों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। रात में पुलिस को जानकारी के बाद हड़कंप मच गया। एसएसपी और एसपी सिटी खुद मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कई टीमें बच्चों की तलाश में लगा दीं। रात भर पुलिस ने अनहोनी की आशंका में आसपास के जंगल और खेतों की खान छान डाली पर बच्चों का सुराग न लगा।
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सुबह बच्चों की गुमशुदगी को उनके फोटो वाले पंफलेट और पोस्टर बनवाने के लिहाज से लालू और उनका साथी दिलशाद बदायूं आए थे। यहां सिविल लाइंस रेलवे क्रॉसिंग से गुजरते समय दिलशाद की नजर ओवरब्रिज के नीचे बैठे चारों बच्चों पर पड़ी। इससे लालू की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। तत्काल ही उन्होंने ककराला चौकी प्रभारी अश्विनी कुमार को मोबाइल पर सूचना दी। अश्विनी कुमार तत्काल ही बदायूं आए और सभी को ककराला ले आए। यहां पूछताछ में आमिर खामोश खड़ा था तो बाकी बच्चों ने लापता होने का पूरा ठीकरा उसी के सिर फोड़ दिया। रजीना ने बताया कि मदरसा जाते वक्त आमिर ने उनसे कहा था कि चलो पहले बाजार में चलकर कुछ खाते हैं। पकौड़ी आदि खाने के बाद वह उन्हें टेंपो स्टैंड की तरफ ले गया। कहा कि दो दिन पहले वह बदायूं में बहन के घर गया था, बड़ा मजा आया। चलो वहीं चलते हैं। वहां तुम लोगों को उर्स भी दिखाएंगे। उसने फुसलाकर तीनों बच्चों को अपने साथ टेंपो में बैठा लिया। बदायूं में आकर उसने कहा कि वह बहन के घर का रास्ता भूल गया है। दोपहर भर वह लोग शहर में भटकते रहे। फिर रात में बड़े सरकार की दरगाह पहुंच गए। वहां किसी ने उन्हें भोजन दे दिया। खाना खाकर चारों बच्चे वहीं सो गए। सुबह दरगाह पर मौजूद लोगों ने उनसे पूछा कि क्यों भटक रहे हो, कहां जाना है? इस पर इन्होंने ककराला जाने की बात बताई। तब एक व्यक्ति ने इन्हें नाश्ता कराकर टेंपो में बैठा दिया। टेंपो चालक ने उन्हें पुलिस लाइंस चौराहे पर उतार दिया और ककराला जाने वाले टेंपो भी दिखा दिए। इन पर पैसे भी नहीं थे। तब आमिर के साथ यह लोग ओवरब्रिज के नीचे घूमने लगे। बच्चों के मिलने के बाद परिवारीजनों और पुलिस ने राहत की सांस ली है।
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दर्ज हो गया था अपहरण का केस
चार बच्चों के अचानक लापता होने से हरकत में आई पुलिस ने अपनी ओर से पूरा होमवर्क किया। बुधवार रात लाल मोहम्मद की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ बच्चों को बहला फुसलाकर ले जाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। अब पुलिस इस केस को खारिज करेगी।
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