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जिला जेल में बिगड़ा कैदी, तीन कैदियों के सिर फोड़े
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बदायूं। जिला कारागार में बुधवार को एक सजायाफ्ता कैदी बिगड़ गया। उसने अचानक अन्य कैदियों पर हमला बोल दिया। मंदिर के घंटे से कैदी पिता-पुत्र समेत तीन कैदियों के सिर फोड़ डाले, जिसमें एक कैदी की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे जिला अस्पताल में बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया है, जबकि कैदी पिता-पुत्र का जेल अस्पताल में इलाज शुरू कर दिया गया है।
जेलर आदित्य कुमार के मुताबिक लूटपाट के मामले में जेल आया सीटू उर्फ शैलेश (34) पुत्र विष्णुचंद्र निवासी ग्राम मईकला थाना उघैती बुधवार को बैरक नंबर 12 के बाहर बने मंदिर पर पूजा कर रहा था। वहीं पर सजायाफ्ता कैदी नन्हे रामायण का पाठ पढ़ रहा था। नन्हे गैर इरादतन हत्या के मामले में जेल में सजा काट रहा है। बताते हैं कि नन्हे ने पहले से मंदिर का घंटा तोड़ लिया था और उसे एक अंगोछे में छिपा लिया था। जैसे ही सीटू उर्फ शैलेश मंदिर की ओर बढ़ा कि तभी नन्हे ने उस पर हमला बोल दिया। उसके सिर पर घंटे से वार कर दिया और वहीं रखी हनुमान जी मूर्ति उठाकर मार दी। इससे सीटू लहूलुहान हो गया। यह देखकर पास में खड़े सजायाफ्ता कैदी लटूरी (65) और उसका बेटा पप्पू (45) निवासी ग्राम भगवतीपुर थाना सिविल लाइंस सीटू को बचाने के लिए दौड़े लेकिन नन्हे ने उन पर भी हमला कर दिया। उसने दोनों पिता-पुत्र को भी घंटा मारकर घायल कर दिया। इसके बाद जेल में अफरातफरी मच गई। बताया जाता है कि आरोपी कैदी घंटा की जंजीर पकड़कर घुमा रहा था। इससे अन्य कैदियों की उसके नजदीक जाने की हिम्मत नहीं हुई। सूचना मिलते ही जेलर आदित्य कुमार और डिप्टी जेलर सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंच गए। कड़ी मशक्कत के बाद कैदी को पकड़ा गया। उसके बाद घायल सीटू उर्फ शैलेश को बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल भेज दिया गया, जबकि लटूरी और पप्पू को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों पिता-पुत्र की हालत खतरे से बाहर है लेकिन सीटू उर्फ शैलेश की हालत चिंताजनक बनी हुई है। उसका सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें सिर की हड्डी टूटी निकली है।
बैरक नंबर 12 के बाहर पीपल का पेड़ है। वहीं कैदियों ने एक छोटा मंदिर बना लिया है। दोनों कैदी वहीं पूजा कर रहे थे। तभी अचानक नन्हे ने तीन कैदियों को घंटा मार दिया। आरोपी कैदी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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आदित्य कुमार, जेलर बदायूं जिला कारागार
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जेलर आदित्य कुमार के मुताबिक लूटपाट के मामले में जेल आया सीटू उर्फ शैलेश (34) पुत्र विष्णुचंद्र निवासी ग्राम मईकला थाना उघैती बुधवार को बैरक नंबर 12 के बाहर बने मंदिर पर पूजा कर रहा था। वहीं पर सजायाफ्ता कैदी नन्हे रामायण का पाठ पढ़ रहा था। नन्हे गैर इरादतन हत्या के मामले में जेल में सजा काट रहा है। बताते हैं कि नन्हे ने पहले से मंदिर का घंटा तोड़ लिया था और उसे एक अंगोछे में छिपा लिया था। जैसे ही सीटू उर्फ शैलेश मंदिर की ओर बढ़ा कि तभी नन्हे ने उस पर हमला बोल दिया। उसके सिर पर घंटे से वार कर दिया और वहीं रखी हनुमान जी मूर्ति उठाकर मार दी। इससे सीटू लहूलुहान हो गया। यह देखकर पास में खड़े सजायाफ्ता कैदी लटूरी (65) और उसका बेटा पप्पू (45) निवासी ग्राम भगवतीपुर थाना सिविल लाइंस सीटू को बचाने के लिए दौड़े लेकिन नन्हे ने उन पर भी हमला कर दिया। उसने दोनों पिता-पुत्र को भी घंटा मारकर घायल कर दिया। इसके बाद जेल में अफरातफरी मच गई। बताया जाता है कि आरोपी कैदी घंटा की जंजीर पकड़कर घुमा रहा था। इससे अन्य कैदियों की उसके नजदीक जाने की हिम्मत नहीं हुई। सूचना मिलते ही जेलर आदित्य कुमार और डिप्टी जेलर सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंच गए। कड़ी मशक्कत के बाद कैदी को पकड़ा गया। उसके बाद घायल सीटू उर्फ शैलेश को बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल भेज दिया गया, जबकि लटूरी और पप्पू को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों पिता-पुत्र की हालत खतरे से बाहर है लेकिन सीटू उर्फ शैलेश की हालत चिंताजनक बनी हुई है। उसका सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें सिर की हड्डी टूटी निकली है।
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बैरक नंबर 12 के बाहर पीपल का पेड़ है। वहीं कैदियों ने एक छोटा मंदिर बना लिया है। दोनों कैदी वहीं पूजा कर रहे थे। तभी अचानक नन्हे ने तीन कैदियों को घंटा मार दिया। आरोपी कैदी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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आदित्य कुमार, जेलर बदायूं जिला कारागार