{"_id":"5c7534a5bdec2211d240cd77","slug":"151551185061-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस ने एक और शस्त्र फैक्टरी पकड़ी, बन रहे थे असलहे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस ने एक और शस्त्र फैक्टरी पकड़ी, बन रहे थे असलहे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। कादरचौक पुलिस ने सकरी जंगल में चल रही असलहा फैक्टरी का भंडाफोड़ कर दिया। मौके से छह तमंचे और असलहे बनाने के औजार बरामद हुए। दो सगे भाई तमंचे बनाते मौके से पकड़े गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया। एक दिन पहले उसहैत में भी एक शस्त्र फैक्टरी पकड़ी जा चुकी है।
मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में खुलासा करते हुए एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कादरचौक इलाके में सकरी जंगल में असलहे बनाने का काम चल रहा था। सोमवार रात पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर दी और दो लोगों को असलहे बनाते रंगेहाथों दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने नाम वीरपाल और नेत्रपाल निवासी गौतरापट्टी थाना उसावां बताए। दोनों सगे भाई हैं। उनके पास से छह तमंचे 315 बोर, दो अधबने तमंचे और असलहे बनाने के उपकरण बरामद हुए। एसपी सिटी ने बताया कि दोनों भाई कादरचौक क्षेत्र में आकर आकर तमंचे बनाते थे। यहीं से सप्लाई भी करते थे। वीरपाल के खिलाफ उसावां में दो और कादरचौक में एक रिपोर्ट दर्ज है, जबकि नेत्रपाल के खिलाफ उसावां में पांच और कादरचौक में एक रिपोर्ट दर्ज है। दोनों भाइयों की गिरफ्तारी में कादरचौक एसओ हरिभान सिंह राठौड़ समेत पूरी टीम का सहयोग रहा।
विज्ञापन
मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में खुलासा करते हुए एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कादरचौक इलाके में सकरी जंगल में असलहे बनाने का काम चल रहा था। सोमवार रात पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर दी और दो लोगों को असलहे बनाते रंगेहाथों दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने नाम वीरपाल और नेत्रपाल निवासी गौतरापट्टी थाना उसावां बताए। दोनों सगे भाई हैं। उनके पास से छह तमंचे 315 बोर, दो अधबने तमंचे और असलहे बनाने के उपकरण बरामद हुए। एसपी सिटी ने बताया कि दोनों भाई कादरचौक क्षेत्र में आकर आकर तमंचे बनाते थे। यहीं से सप्लाई भी करते थे। वीरपाल के खिलाफ उसावां में दो और कादरचौक में एक रिपोर्ट दर्ज है, जबकि नेत्रपाल के खिलाफ उसावां में पांच और कादरचौक में एक रिपोर्ट दर्ज है। दोनों भाइयों की गिरफ्तारी में कादरचौक एसओ हरिभान सिंह राठौड़ समेत पूरी टीम का सहयोग रहा।
विज्ञापन