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अफसरों को देख बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां छोडकर भागे धंधेबाज

Tue, 22 May 2018 01:24 AM IST
Updated Tue, 22 May 2018 01:24 AM IST
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अफसरों को देख बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां छोडकर भागे धंधेबाज
फोटो- 21 बीडीएनयूजेएचपीएच-05
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अफसरों को देख बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां छोड़कर भागे
डीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार ने कछला में मारा छापा चार मजदूर भी पुलिस के हत्थे चढ़े, पूछताछ शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
कछला समेत गंगा किनारे से बालू के अवैध खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रात में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को लोड कराकर निकालने वाले धंधेबाजों ने दिन में भी खनन शुरू कराया तो सोमवार दोपहर को मामला डीएम तक पहुंच गया। डीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार दीपक चौधरी ने पुलिस फोर्स के साथ पिपरौल इलाके में छापा मारा तो धंधेबाज ट्रॉलियों को लोड कराते नजर आए। धंधेबाज तो मौका पाकर फरार हो गए लेकिन एक ट्रैक्टर समेत तीन ट्रॉलियों को पकड़ लिया गया।
नायब तहसीलदार दीपक चौधरी की अगुवाई में राजस्व विभाग की टीम और कछला चौकी पुलिस ने छापामार कार्रवाई अपराह्न में शुरू की। इलाके के दो-तीन लोगों ने दोपहर में डीएम से अवैध खनन की शिकायत की थी। पिपरौल के पास राजस्व कर्मियों को बालू लदी तीन ट्रॉलियां और एक ट्रैक्टर मिला। मौके पर से ही चार मजदूरों को भी हिरासत में लिया गया। उन्होंने पूछताछ के दौरान खनन कराने वालों के नाम भी राजस्व अफसरों और चौकी इंचार्ज को बता दिए। नायब तहसीलदार ने बताया कि ट्रैक्टर और दोनों ट्रॉलियों को कछला चौकी परिसर में खड़ा करा दिया गया है। चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार का कहना है कि अवैध खनन करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। ट्रैक्टर मालिकों के नाम भी पता लग गए हैं। बता दें कि धंधेबाज कछला घाट समेत आसपास इलाके से खनन कराते रहे हैं। रोजाना 10-15 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को लोड कराके मार्केट में पहुंचा दिया जाता है।
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दो स्थानीय नेताओं की भूमिका पर उठा सवाल
उझानी। कछला समेत आसपास इलाके में अवैध तरीके से खनन कराने में जिन दो स्थानीय नेताओं के नामों की चर्चा लोगों की जुबां पर है, वह सत्ताधारी पार्टी के हैं। यह बात पुलिस और इलाके के राजस्व कर्मियों को भी अच्छी तरह पता है। खनन कराने के लिए वह हुसैनपुर, पिपरौल तो कभी दूसरी तरफ ननाखेड़ा और सरौता की ओर कूच कर जाते हैं। मौका मिलते ही गंगाघाट के पास से भी ट्रॉलियों को लोड कराने से गुरेज नहीं करते।
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