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मरे में झूलती मिली वृद्ध की लाशज, पुलिस ने ली कब्जे में
Updated Mon, 18 Sep 2017 11:07 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उघैती। थाना क्षेत्र के गांव में एक वृद्ध की लाश फंदे पर झूलती मिली। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बताते हैं कि करीब दस साल पहले मृतक के एक बेटे ने भी फांसी लगाकर जीवन लीला को खत्म कर लिया था और एक बेटा रहस्य हालात में लापता हो गया था। फिलहाल घर पर मृतक की पत्नी ही है।
थाना क्षेत्र के गांव पलिया निवासी रामगोपाल (58) पुत्र नत्थू का शव आज दोपहर करीब 12 बजे कमरे में फंदे से लटका मिला। कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी से घटना के बारे में जानकारी ली। हालांकि पत्नी ने आत्महत्या बताया है। लेकिन गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या क्यों की इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सारी स्थिति साफ हो जाएगी।
गांव वालों ने बताया कि मृृतक के छह पुत्र थे जिनमें एके बेटे मूलचन्द्र ने दस वर्ष पहले पारिवारिक कलह के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। दूसरा बेटा अर्जुन रहस्यमय हालात में लापता हो गया। जिसका आज तक कोई पता नहीं चल सका है। दो बेटे विजय और लखन चंडीगढ़ में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं और एक बेटा अजय बरेली, एक लखनऊ में रहकर मेहनत मजदूरी करता है।
उघैती। थाना क्षेत्र के गांव में एक वृद्ध की लाश फंदे पर झूलती मिली। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बताते हैं कि करीब दस साल पहले मृतक के एक बेटे ने भी फांसी लगाकर जीवन लीला को खत्म कर लिया था और एक बेटा रहस्य हालात में लापता हो गया था। फिलहाल घर पर मृतक की पत्नी ही है।
थाना क्षेत्र के गांव पलिया निवासी रामगोपाल (58) पुत्र नत्थू का शव आज दोपहर करीब 12 बजे कमरे में फंदे से लटका मिला। कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी से घटना के बारे में जानकारी ली। हालांकि पत्नी ने आत्महत्या बताया है। लेकिन गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या क्यों की इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सारी स्थिति साफ हो जाएगी।
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गांव वालों ने बताया कि मृृतक के छह पुत्र थे जिनमें एके बेटे मूलचन्द्र ने दस वर्ष पहले पारिवारिक कलह के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। दूसरा बेटा अर्जुन रहस्यमय हालात में लापता हो गया। जिसका आज तक कोई पता नहीं चल सका है। दो बेटे विजय और लखन चंडीगढ़ में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं और एक बेटा अजय बरेली, एक लखनऊ में रहकर मेहनत मजदूरी करता है।
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