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ग्रामीणों ने नारकोटिक्स विभाग की टीम को भगाया
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दातागंज (बदायूं)। बुधवार को इलाके में डोडा चोरी के मामले में तहकीकात करने आई नारकोटिक्स विभाग की टीम को ग्रामीणों ने भगा दिया। इससे पहले ग्रामीणों ने उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई, जिसके बाद में टीम अधिकारी गांव से चले गए।
विगत 28 अप्रैल को कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कांसी में बदमाशों ने पिता-पुत्र को बंधक बनाकर पीटा था और करीब दस ऐरी अफीम का डोडा लूट लिया था। किसान रोशनलाल इस समय भी बरेली के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हैं। बुधवार को इसकी जांच करने के लिए नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे थे। ग्रामीणों की मानें तो टीम 27 अप्रैल को गांव आई थी लेकिन उन्होंने रोशनलाल के खेत में अफीम की फसल नष्ट नहीं कराई थी। परिणाम स्वरूप दूसरे दिन रात को बदमाशों ने धावा बोल दिया। ग्रामीणों का कहना था कि अगर टीम उस दिन डोडा नष्ट करा देती तो शायद लूटपाट नहीं होती। इससे गांव के लोग गुस्से में थे। बुधवार को टीम जांच शुरू करती, उससे पहले ग्रामीणों ने सवालों की झड़ी लगा दी। काफी गहमागहमी हो गई। इससे टीम को गांव से भागना पड़ा। टीम में कौन-कौन शामिल था, इसका पता नहीं चल सका।
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विगत 28 अप्रैल को कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कांसी में बदमाशों ने पिता-पुत्र को बंधक बनाकर पीटा था और करीब दस ऐरी अफीम का डोडा लूट लिया था। किसान रोशनलाल इस समय भी बरेली के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हैं। बुधवार को इसकी जांच करने के लिए नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे थे। ग्रामीणों की मानें तो टीम 27 अप्रैल को गांव आई थी लेकिन उन्होंने रोशनलाल के खेत में अफीम की फसल नष्ट नहीं कराई थी। परिणाम स्वरूप दूसरे दिन रात को बदमाशों ने धावा बोल दिया। ग्रामीणों का कहना था कि अगर टीम उस दिन डोडा नष्ट करा देती तो शायद लूटपाट नहीं होती। इससे गांव के लोग गुस्से में थे। बुधवार को टीम जांच शुरू करती, उससे पहले ग्रामीणों ने सवालों की झड़ी लगा दी। काफी गहमागहमी हो गई। इससे टीम को गांव से भागना पड़ा। टीम में कौन-कौन शामिल था, इसका पता नहीं चल सका।
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