{"_id":"1b80e2d1dc19656a28ce99bad968b33f","slug":"crime-news-hindi-news-238","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांवड़ देखने निकले सगे भाई-बहन लापता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांवड़ देखने निकले सगे भाई-बहन लापता
उझानी (बदायूं)।
Updated Fri, 14 Aug 2015 09:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोतवाली क्षेत्र में रिश्तेदारी में पिता के साथ पहुंचे सगे भाई-बहन लापता हो गए। आरोप है कि उन्हें फुफेर भाई के साथ जीप सवार लोग बैठा कर ले गए लेकिन बाद में एक को छोड़ दिया गया।
गायब बच्चों का पिता मुरादाबाद में बनियाठेर थाना क्षेत्र के गांव सरतल निवासी यादराम शुक्रवार को कोतवाली पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि वह सात वर्षीय बेटी पायल अपने भाई प्रियांशु के साथ पिछले दिनों बहनोई प्रीतम कश्यप के घर आया था। 11 अगस्त को प्रियांशु और पायल अपने फुफेरे भाई 18 वर्षीय हरकेश के साथ गांव के पास ही कांवड़ यात्रा देखने को निकले। शाम को घर नहीं पहुंचे तो उनकी खोजबीन की गई।
उसी दिन देर रात हरकेश तो घर लौट आया लेकिन उसके साथ प्रियांशु और पायल नहीं थी। पूछने पर हरकेश ने घरवालों समेत यादराम को बताया था कि एक जीप सवार लोग तीनों को बैठा कर ले गए। कुंवरगांव में उसे छोड़ दिया गया। यादराम की मानें तो हरकेश ने यह भी बताया था कि जो लोग जीप में थे, वे पुलिस की वर्दी पहने थे। यादराम ने अगले दिन कुंवरगांव थाने जाकर भी संपर्क साधा लेकिन बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। इधर, हल्का इंचार्ज दरोगा प्रयागराज सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। ना ही किसी ने शिकायत की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गायब बच्चों का पिता मुरादाबाद में बनियाठेर थाना क्षेत्र के गांव सरतल निवासी यादराम शुक्रवार को कोतवाली पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि वह सात वर्षीय बेटी पायल अपने भाई प्रियांशु के साथ पिछले दिनों बहनोई प्रीतम कश्यप के घर आया था। 11 अगस्त को प्रियांशु और पायल अपने फुफेरे भाई 18 वर्षीय हरकेश के साथ गांव के पास ही कांवड़ यात्रा देखने को निकले। शाम को घर नहीं पहुंचे तो उनकी खोजबीन की गई।
विज्ञापन
उसी दिन देर रात हरकेश तो घर लौट आया लेकिन उसके साथ प्रियांशु और पायल नहीं थी। पूछने पर हरकेश ने घरवालों समेत यादराम को बताया था कि एक जीप सवार लोग तीनों को बैठा कर ले गए। कुंवरगांव में उसे छोड़ दिया गया। यादराम की मानें तो हरकेश ने यह भी बताया था कि जो लोग जीप में थे, वे पुलिस की वर्दी पहने थे। यादराम ने अगले दिन कुंवरगांव थाने जाकर भी संपर्क साधा लेकिन बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। इधर, हल्का इंचार्ज दरोगा प्रयागराज सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। ना ही किसी ने शिकायत की है।
विज्ञापन