{"_id":"c5cf7a98e4d0fb9336c6ca68bd86a2e8","slug":"crime-news-hindi-news-236","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैजिक पेन का कमाल! 22 हजार रुपये उड़ाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैजिक पेन का कमाल! 22 हजार रुपये उड़ाए
उझानी (बदायूं)।
Updated Fri, 14 Aug 2015 08:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुद को सिटी बैंक का कारिंदा बताकर एक युवक ने खाद विक्रेता को गुमराह कर दिया। खाद विक्रेता को पहले तो उसने बैंक की ऋण संबंधी जानकारियां दीं फिर रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर 49 रुपये का चेक ले लिया। बाद में मैजिक पैन के कमाल दिखाकर उसी चेक पर 22 हजार रुपया निकाल लिया।
खाद विक्रेता व्यास साहू को ठगी का अहसास तीन दिन पहले उस वक्त हुआ, जब उसके सेलफोन पर बैंक खाते से 22 हजार रुपये डेविट हो जाने का मैसेज पहुंचा। साहू ने पंजाब नेशनल बैंक जाकर जानकारी की तो पता लगा कि किसी भी योगेश के नाम उसने 22 हजार रुपये का चेक काटा ही नहीं है। बैंक मैनेजर संधीर श्रीवास्तव को साहू ने यह जरुर बताया कि पिछले दिनों उसने सिटी बैंक के नाम 49 रुपये का चेक रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दिया था। 22 हजार और 49 रुपये वाले चेक का नंबर भी एक ही निकला।
खाताधारक की शिकायत पर मैनेजर समेत बैंक कर्मियों ने चेक निकाल कर पड़ताल की तो वह भी चकरा गए। वह भी समझ नहीं पाए कि चेक पर ओवरराइटिंग है नहीं फिर चेक पर नाम और रकम की धनराशि कैसे बदल गई। जानकारों की मानें तो मैजिक पेन से लिखे शब्दों के पीछे लाइटर से रोशनी डाली जाए तो शब्द स्वत: मिट जाते हैं। उसी का इस्तेमाल कर नाम और धनराशि फिर से दर्ज कर ली गई होगी। एकाउंटपेई चेक का बेयरर बनाकर चेक पर पर योगेश लिख लिया गया था। अजीबोगरीब मामला सामने आने पर बैंक कर्मी भी सकते में पड़ गए हैं।
विज्ञापन
मामला उनके संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। चेक का भुगतान हुआ जरूर है, लेकिन उस पर किसी तरह की ओवरराइटिंग भी नहीं है। लोगों को ऐसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए।
-संधीर श्रीवास्तव, वरिष्ठ प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक उझानी।
विज्ञापन
खाद विक्रेता व्यास साहू को ठगी का अहसास तीन दिन पहले उस वक्त हुआ, जब उसके सेलफोन पर बैंक खाते से 22 हजार रुपये डेविट हो जाने का मैसेज पहुंचा। साहू ने पंजाब नेशनल बैंक जाकर जानकारी की तो पता लगा कि किसी भी योगेश के नाम उसने 22 हजार रुपये का चेक काटा ही नहीं है। बैंक मैनेजर संधीर श्रीवास्तव को साहू ने यह जरुर बताया कि पिछले दिनों उसने सिटी बैंक के नाम 49 रुपये का चेक रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दिया था। 22 हजार और 49 रुपये वाले चेक का नंबर भी एक ही निकला।
विज्ञापन
खाताधारक की शिकायत पर मैनेजर समेत बैंक कर्मियों ने चेक निकाल कर पड़ताल की तो वह भी चकरा गए। वह भी समझ नहीं पाए कि चेक पर ओवरराइटिंग है नहीं फिर चेक पर नाम और रकम की धनराशि कैसे बदल गई। जानकारों की मानें तो मैजिक पेन से लिखे शब्दों के पीछे लाइटर से रोशनी डाली जाए तो शब्द स्वत: मिट जाते हैं। उसी का इस्तेमाल कर नाम और धनराशि फिर से दर्ज कर ली गई होगी। एकाउंटपेई चेक का बेयरर बनाकर चेक पर पर योगेश लिख लिया गया था। अजीबोगरीब मामला सामने आने पर बैंक कर्मी भी सकते में पड़ गए हैं।
विज्ञापन
मामला उनके संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। चेक का भुगतान हुआ जरूर है, लेकिन उस पर किसी तरह की ओवरराइटिंग भी नहीं है। लोगों को ऐसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए।
-संधीर श्रीवास्तव, वरिष्ठ प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक उझानी।