{"_id":"62cf10c3f62fc84d6134f7b8","slug":"crime-badaun-news-bly4912712181","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारी बनकर बाइक सवार चाचा-भतीजे से लूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकारी बनकर बाइक सवार चाचा-भतीजे से लूट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहसवान (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र में बाइक सवार चाचा-भतीजे से कार सवार लोगों ने अधिकारी बनकर लूटपाट कर ली। वह चाचा को कार में बैठाकर ले गए, फिर कई घंटे बाद छोड़ा गया। चाचा-भतीजे ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी है। पुलिस घटना को संदिग्ध बता रही है।
उघैती थाना क्षेत्र के गांव टहरा निवासी सत्यपाल के मुताबिक वह मंगलवार शाम अपने चाचा गंगा किशन के साथ बाजरे का बीज लेने सहसवान जा रहा था। रास्ते में सहसवान-बिसौली रोड पर बोलेरो कार सवार बदमाशों ने उनका पीछा करते हुए आगे कार लगाकर बाइक रुकवा ली। उसमें तीन लोग सवार थे। उन्होंने खुद को अधिकारी बताते हुए उसके चाचा को कार में बैठा लिया और उसे ले गए। उसकी बाइक खंदी में फेंक दी। सत्यपाल को पेड़ से बांध दिया। कुछ देर बाद उधर से गुजरे लोगों ने सत्यपाल को खोला। सत्यपाल अपने चाचा को तलाश कर रहा था। बदमाश उसे चोई की पुलिया के पास छोड़ गए। उनके तीन हजार रुपये लूट लिए। उसके बाद दोनों चाचा भतीजे ने कोतवाली पहुंचकर इसकी तहरीर दी। इंस्पेक्टर संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि गाड़ी वाले बदमाश नहीं थे। वे फाइनेंस कर्मचारी थे। रुपयों को लेकर उनका विवाद हुआ था। दोनों पक्षों को कोतवाली बुलाया गया है। दोनों पक्षों में समझौते की बात चल रही है। संवाद
विज्ञापन
उघैती थाना क्षेत्र के गांव टहरा निवासी सत्यपाल के मुताबिक वह मंगलवार शाम अपने चाचा गंगा किशन के साथ बाजरे का बीज लेने सहसवान जा रहा था। रास्ते में सहसवान-बिसौली रोड पर बोलेरो कार सवार बदमाशों ने उनका पीछा करते हुए आगे कार लगाकर बाइक रुकवा ली। उसमें तीन लोग सवार थे। उन्होंने खुद को अधिकारी बताते हुए उसके चाचा को कार में बैठा लिया और उसे ले गए। उसकी बाइक खंदी में फेंक दी। सत्यपाल को पेड़ से बांध दिया। कुछ देर बाद उधर से गुजरे लोगों ने सत्यपाल को खोला। सत्यपाल अपने चाचा को तलाश कर रहा था। बदमाश उसे चोई की पुलिया के पास छोड़ गए। उनके तीन हजार रुपये लूट लिए। उसके बाद दोनों चाचा भतीजे ने कोतवाली पहुंचकर इसकी तहरीर दी। इंस्पेक्टर संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि गाड़ी वाले बदमाश नहीं थे। वे फाइनेंस कर्मचारी थे। रुपयों को लेकर उनका विवाद हुआ था। दोनों पक्षों को कोतवाली बुलाया गया है। दोनों पक्षों में समझौते की बात चल रही है। संवाद
विज्ञापन