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उझानी कोतवाली में पहले एसएसआई फिर खुद को गोली मारने वाला सिपाही बर्खास्त
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बर्खास्त सिपाही ललित कुमार।
- फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। करीब डेढ़ साल पहले छुट्टी को लेकर विवाद के दौरान कोतवाली परिसर में पहले वरिष्ठ उपनिरीक्षक रामऔतार सिंह को गोली मारकर घायल करने और फिर खुद को गोली मार लेने के मामले में आरोपी सिपाही ललित कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्तगी का नोटिस उसे भी रिसीव करा दिया गया है। घायल एसएसआई का ऋषिकेश में इलाज चल रहा है।
पुलिस लाइन में तैनात सिपाही ललित कुमार को बर्खास्तगी का नोटिस मंगलवार को रिसीव कराया गया। उझानी में तैनाती के दौरान सिपाही ललित कुमार ने चार सितंबर- 2020 को तत्कालीन कोतवाल ओमकार सिंह के सामने छुट्टी का आवेदन किया था। मौके पर मौजूद एसएसआई रामऔतार सिंह और सिपाही के बीच कहासुनी हो गई। सिपाही ललित ने सरकारी इंसास रायफल से पहले तो हवाई फायरिंग की फिर एसएसआई को निशाना बनाकर दो गोलियां दागीं। दोनों गोली एसएसआई की जांघ और कमर के नीचे लगी थीं।
एसएसआई के जमीन पर गिरने के बाद सिपाही ने खुद को भी गोली मार ली थी। सिपाही ललित के खिलाफ नामजद रिपोर्ट कराई गई थी। सेहत में सुधार होने पर सिपाही को जेल भेज दिया था। सिपाही को जमानत मिली तो उसे बहाल कर दिया गया। एसएसआई रामऔतार सिंह का पिछले सप्ताह पैर का फिर से ऑपरेशन हुआ था।
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विभागीय स्तर से हुई थी उच्चस्तरीय जांच
एसएसआई को गोली मारने के बाद खुद को उसी रायफल से गोली मारकर घायल करने वाले सिपाही के मामले में घटना के बाद ही तत्कालीन डीआईजी राजेश पांडेय ने चश्मदीद पुलिसकर्मियों से बारीकी से जानकारी हासिल की थी। विभागीय स्तर से उच्चस्तरीय जांच भी कराई गई। जांच में अब आरोपी सिपाही के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। उस वक्त सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी जांच में अहम रहे थे।
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यह बोले एसएसआई और सिपाही-
सितंबर-2020 की जानलेवा घटना की वजह से वह अब तक उबर नहीं पाए हैं। डॉक्टरों और परिवार का सहारा है। हमलावर सिपाही के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई काफी पहले हो जानी चाहिए थी।
- रामऔतार सिंह, एसएसआई
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मेरे खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई विभागीय जांच के बाद हुई है। जरूरत पड़ी तो कोर्ट की शरण लूंगा। फिलहाल मुझे बर्खास्तगी का नोटिस रिसीव करा दिया गया है। जेल से लौटने के बाद ड्यूटी करते पांच महीने हो चुके हैं। अचानक कार्रवाई ने सकते में डाल दिया है।
- ललित कुमार, बर्खास्त सिपाही
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उझानी कोतवाली में हुई इस घटना के मामले में सिपाही ललित कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। उसे इस संबंध में नोटिस भी तामील कराया है।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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पुलिस लाइन में तैनात सिपाही ललित कुमार को बर्खास्तगी का नोटिस मंगलवार को रिसीव कराया गया। उझानी में तैनाती के दौरान सिपाही ललित कुमार ने चार सितंबर- 2020 को तत्कालीन कोतवाल ओमकार सिंह के सामने छुट्टी का आवेदन किया था। मौके पर मौजूद एसएसआई रामऔतार सिंह और सिपाही के बीच कहासुनी हो गई। सिपाही ललित ने सरकारी इंसास रायफल से पहले तो हवाई फायरिंग की फिर एसएसआई को निशाना बनाकर दो गोलियां दागीं। दोनों गोली एसएसआई की जांघ और कमर के नीचे लगी थीं।
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एसएसआई के जमीन पर गिरने के बाद सिपाही ने खुद को भी गोली मार ली थी। सिपाही ललित के खिलाफ नामजद रिपोर्ट कराई गई थी। सेहत में सुधार होने पर सिपाही को जेल भेज दिया था। सिपाही को जमानत मिली तो उसे बहाल कर दिया गया। एसएसआई रामऔतार सिंह का पिछले सप्ताह पैर का फिर से ऑपरेशन हुआ था।
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विभागीय स्तर से हुई थी उच्चस्तरीय जांच
एसएसआई को गोली मारने के बाद खुद को उसी रायफल से गोली मारकर घायल करने वाले सिपाही के मामले में घटना के बाद ही तत्कालीन डीआईजी राजेश पांडेय ने चश्मदीद पुलिसकर्मियों से बारीकी से जानकारी हासिल की थी। विभागीय स्तर से उच्चस्तरीय जांच भी कराई गई। जांच में अब आरोपी सिपाही के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। उस वक्त सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी जांच में अहम रहे थे।
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यह बोले एसएसआई और सिपाही-
सितंबर-2020 की जानलेवा घटना की वजह से वह अब तक उबर नहीं पाए हैं। डॉक्टरों और परिवार का सहारा है। हमलावर सिपाही के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई काफी पहले हो जानी चाहिए थी।
- रामऔतार सिंह, एसएसआई
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मेरे खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई विभागीय जांच के बाद हुई है। जरूरत पड़ी तो कोर्ट की शरण लूंगा। फिलहाल मुझे बर्खास्तगी का नोटिस रिसीव करा दिया गया है। जेल से लौटने के बाद ड्यूटी करते पांच महीने हो चुके हैं। अचानक कार्रवाई ने सकते में डाल दिया है।
- ललित कुमार, बर्खास्त सिपाही
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उझानी कोतवाली में हुई इस घटना के मामले में सिपाही ललित कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। उसे इस संबंध में नोटिस भी तामील कराया है।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी