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फाइलें चोरी कर निकाल लिए प्रमुख दस्तावेज, रिपोर्ट दर्ज
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बदायूं। न्यायालय में जमीन संबंधी मामलों की तीन फाइलें चोरी कर उनके प्रमुख दस्तावेज निकालने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सीजेएम के आदेश पर परिवादी कमर अहसन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वादी का आरोप है कि वह रसीद की फोटो कॉपी कराने बाहर गया था। तभी आरोपी ने फाइलें चोरी कर उनके प्रमुख दस्तावेज निकाल लिए। जब सीसीटीवी कैमरे देखे गए तो वह फाइलें चोरी करता दिखा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उझानी के मोहल्ला नझियाई निवासी मोहम्मद जावेद के मुताबिक उनके दो प्लॉट के तीन मुकदमे न्यायालय सिविल जज कोर्ट में चल रहे हैं। उनके पिता काफी बुजुर्ग हैं। इसलिए वो खुद पैरवी करते हैं। प्रतिवादी उनके मोहल्ले का कमर अहसन है। तीनों मामले एक-दूसरे से जुड़े हैं। इसलिए तीनों फाइल एक ही हरे रंग के रैक्सीन के फाइल कवर में बंधी हुईं थीं।
19 जनवरी 2021 को दो मामलों की सुनवाई थी। इससे वह तारीख करने न्यायालय पहुंचा था। उस दौरान तीनों फाइलें न्यायालय में मेज पर रखी हुईं थीं। वादी के अधिवक्ता प्रेमस्वरूप वैश्य के मुंशी रंजीत कुमार सक्सेना ने प्रतिवादी के अधिवक्ता सुभाष चंद्र गुप्ता को पांच सौ रुपए हर्जाने की अदायगी की थी। उसकी रसीद की फोटो कॉपी कराने के लिए जावेद न्यायालय के बाहर गए थे। जब लौटकर आए तो परिवादी न्यायालय में मौजूद नहीं था और तीनों फाइलें गायब थीं। उन्होंने ये बात अपने अधिवक्ता को बताई। इस पर उन्होंने सीजेएम से बात की। सीजेएम के मौखिक आदेश पर न्यायालय में सीसीटीवी फुटेज देखे गए। जहां कमर अहसन फाइल चोरी करता देखा गया। इसके दूसरे दिन उन्होंने आरोपी को न्यायालय के बाहर पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से फाइलें बरामद हुईं लेकिन उनके प्रमुख दस्तावेज गायब थे।
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बाद में उन्होंने आरोपी के घर जाकर दस्तावेज मांगे लेकिन उसने गालीगलौज की। उन पर फैसला करने का दबाव बनाया। उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में उन्होंने सिविल लाइंस थाना पुलिस में तहरीर दी थी लेकिन वहां मामला दर्ज नहीं किया गया। थक हारकर उन्होंने सीजेएम न्यायालय में 156 (3) के तहत वाद दायर कराया। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर कमर अहसन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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सिविल लाइंस थाने में न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। जांच कराई जाएगी जो साक्ष्य प्राप्त होंगे उनके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
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उझानी के मोहल्ला नझियाई निवासी मोहम्मद जावेद के मुताबिक उनके दो प्लॉट के तीन मुकदमे न्यायालय सिविल जज कोर्ट में चल रहे हैं। उनके पिता काफी बुजुर्ग हैं। इसलिए वो खुद पैरवी करते हैं। प्रतिवादी उनके मोहल्ले का कमर अहसन है। तीनों मामले एक-दूसरे से जुड़े हैं। इसलिए तीनों फाइल एक ही हरे रंग के रैक्सीन के फाइल कवर में बंधी हुईं थीं।
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19 जनवरी 2021 को दो मामलों की सुनवाई थी। इससे वह तारीख करने न्यायालय पहुंचा था। उस दौरान तीनों फाइलें न्यायालय में मेज पर रखी हुईं थीं। वादी के अधिवक्ता प्रेमस्वरूप वैश्य के मुंशी रंजीत कुमार सक्सेना ने प्रतिवादी के अधिवक्ता सुभाष चंद्र गुप्ता को पांच सौ रुपए हर्जाने की अदायगी की थी। उसकी रसीद की फोटो कॉपी कराने के लिए जावेद न्यायालय के बाहर गए थे। जब लौटकर आए तो परिवादी न्यायालय में मौजूद नहीं था और तीनों फाइलें गायब थीं। उन्होंने ये बात अपने अधिवक्ता को बताई। इस पर उन्होंने सीजेएम से बात की। सीजेएम के मौखिक आदेश पर न्यायालय में सीसीटीवी फुटेज देखे गए। जहां कमर अहसन फाइल चोरी करता देखा गया। इसके दूसरे दिन उन्होंने आरोपी को न्यायालय के बाहर पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से फाइलें बरामद हुईं लेकिन उनके प्रमुख दस्तावेज गायब थे।
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बाद में उन्होंने आरोपी के घर जाकर दस्तावेज मांगे लेकिन उसने गालीगलौज की। उन पर फैसला करने का दबाव बनाया। उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में उन्होंने सिविल लाइंस थाना पुलिस में तहरीर दी थी लेकिन वहां मामला दर्ज नहीं किया गया। थक हारकर उन्होंने सीजेएम न्यायालय में 156 (3) के तहत वाद दायर कराया। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर कमर अहसन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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सिविल लाइंस थाने में न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। जांच कराई जाएगी जो साक्ष्य प्राप्त होंगे उनके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी