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मुश्किल दौर में हिम्मत को बनाएं हथियार
उझानी (बदायूं)।
Updated Wed, 04 Nov 2015 12:04 AM IST
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देवनागरी इंटर कॉलेज में बच्चों की जीवन शैली से जुड़ी वर्कशॉप आयोजित कर उन्हें जिंदगी के मायने समझाए गए। ट्रेनर बोले- पढ़ाई से लेकर तरक्की के रास्ते की ओर बढ़ते वक्त अच्छाइयों और बुराइयों का सामना अवश्य करना पड़ा है लेकिन मुश्किल दौर का मुकाबला करने के लिए हिम्मत को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाए।
कॉलेज परिसर में वर्कशॉप शुरू होने पर प्रधानाचार्य राममोहन शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। उन्होंने कहा कि कठिन दौर में हिम्मत ही सही रास्ते पर ले जाती है। बच्चों को तमाम बातें भुलाकर महज पढ़ाई पर ही ध्यान देना चाहिए। ज्ञान एक ऐसी चीज है जिसे कोई बांट नहीं सकता। लगन है तो सामने वाले से उसे अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा माहौल के फायदों का भी बोध कराया।
बरेली की एक निजी कंपनी के ट्रेनर ने बच्चों को जीवन शैली पर पक्ष रखा। उन्होंने बच्चों को जिंदगी जीने का अंदाज भी समझाया। प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चों ने कई अहम जानकारियां हासिल कीं। ट्रेनर से प्रतिभागियों ने सवाल भी किए। प्रोजेक्टर के जरिए उनकी जिज्ञासाओं का शांत किया गया। इस मौके पर प्रबंधिका प्रोमिला शर्मा, संकेत शर्मा, नेहा गुप्ता, रंजना आर्या, शिल्पी, अनामिका और सुमन आदि मौजूद थीं।
कॉलेज परिसर में वर्कशॉप शुरू होने पर प्रधानाचार्य राममोहन शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। उन्होंने कहा कि कठिन दौर में हिम्मत ही सही रास्ते पर ले जाती है। बच्चों को तमाम बातें भुलाकर महज पढ़ाई पर ही ध्यान देना चाहिए। ज्ञान एक ऐसी चीज है जिसे कोई बांट नहीं सकता। लगन है तो सामने वाले से उसे अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा माहौल के फायदों का भी बोध कराया।
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बरेली की एक निजी कंपनी के ट्रेनर ने बच्चों को जीवन शैली पर पक्ष रखा। उन्होंने बच्चों को जिंदगी जीने का अंदाज भी समझाया। प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चों ने कई अहम जानकारियां हासिल कीं। ट्रेनर से प्रतिभागियों ने सवाल भी किए। प्रोजेक्टर के जरिए उनकी जिज्ञासाओं का शांत किया गया। इस मौके पर प्रबंधिका प्रोमिला शर्मा, संकेत शर्मा, नेहा गुप्ता, रंजना आर्या, शिल्पी, अनामिका और सुमन आदि मौजूद थीं।
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