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जीआरपी चौकी इंचार्ज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश
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बदायूं। करीब छह माह पहले पूर्णागिरी दर्शन को जाने वाले एक परिवार के साथ जीआरपी चौकी प्रभारी द्वारा मारपीट, छेड़छाड़, मोबाइल और पर्स लूटने के मामले में सीजेएम राकेश कुमार तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
थाना उझानी के एक गांव निवासी महिला नौ मई अपने परिवार के साथ पूर्णागिरी के दर्शन को जाने के लिए ट्रेन के इंतजार में स्टेशन पर खड़ी थी। उनके साथ उनका पुत्र, पुत्रियां, दामाद और पुत्र का दोस्त भी था। जब ट्रेन आई तो पुत्र और उसका दोस्त ट्रेन में चढ़ने लगे। तभी पीछे से जीआरपी चौकी प्रभारी ने दोनों युवकों को पीछे खींच लिया। दोनों ने कहा हमको क्यों हटा रहे हो। इसी बात पर जीआरपी चौकी प्रभारी परीक्षित शर्मा और सिपाही रत्नेश दोनों आग बबूला हो गए। दोनों ने पुत्र और उसके दोस्त को चौकी के अंदर ले जाकर बुरी तरह से पीट दिया। जब मां और उसकी बहनों ने बचाना चाहा तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि जीआरपी चौकी प्रभारी परीक्षित शर्मा और रत्नेश ने महिलाओं के कपड़े फाड़ दिए और उनका पर्स और मोबाइल भी छीन लिया। स्टेशन पर खड़े यात्रियों ने सभी को बचाया। इसी मामले में उझानी रेलवे स्टेशन मास्टर केपी सिंह ने भी परीक्षित शर्मा के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई थी। महिला ने उच्चाधिकारियों के चक्कर लगाए लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उसने सीजेएम कोर्ट में 156 (3) के तहत परिवाद दायर किया। जिसे सीजेएम राकेश कुमार तिवारी ने स्वीकार करते हुए जीआरपी चौकी प्रभारी परीक्षित शर्मा, सिपाही रत्नेश व दो अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
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थाना उझानी के एक गांव निवासी महिला नौ मई अपने परिवार के साथ पूर्णागिरी के दर्शन को जाने के लिए ट्रेन के इंतजार में स्टेशन पर खड़ी थी। उनके साथ उनका पुत्र, पुत्रियां, दामाद और पुत्र का दोस्त भी था। जब ट्रेन आई तो पुत्र और उसका दोस्त ट्रेन में चढ़ने लगे। तभी पीछे से जीआरपी चौकी प्रभारी ने दोनों युवकों को पीछे खींच लिया। दोनों ने कहा हमको क्यों हटा रहे हो। इसी बात पर जीआरपी चौकी प्रभारी परीक्षित शर्मा और सिपाही रत्नेश दोनों आग बबूला हो गए। दोनों ने पुत्र और उसके दोस्त को चौकी के अंदर ले जाकर बुरी तरह से पीट दिया। जब मां और उसकी बहनों ने बचाना चाहा तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि जीआरपी चौकी प्रभारी परीक्षित शर्मा और रत्नेश ने महिलाओं के कपड़े फाड़ दिए और उनका पर्स और मोबाइल भी छीन लिया। स्टेशन पर खड़े यात्रियों ने सभी को बचाया। इसी मामले में उझानी रेलवे स्टेशन मास्टर केपी सिंह ने भी परीक्षित शर्मा के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई थी। महिला ने उच्चाधिकारियों के चक्कर लगाए लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उसने सीजेएम कोर्ट में 156 (3) के तहत परिवाद दायर किया। जिसे सीजेएम राकेश कुमार तिवारी ने स्वीकार करते हुए जीआरपी चौकी प्रभारी परीक्षित शर्मा, सिपाही रत्नेश व दो अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
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