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डकैती-हत्या के मामले में दो भाइयों सहित तीन को उम्रकैद, जुर्माना
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बदायूं। 17 साल पुराने डकैती और हत्या के मामले में स्पेशल जज डकैती राजकुमार सिंह ने दो भाइयों समेत तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर 55-55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
डकैती और हत्या की वारदात थाना गुन्नौर के गांव नदरौली (वर्तमान जिला संभल) में 25 मई 2002 को घटी थी। गांव निवासी सुबराती पुत्र शकूर ने थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि उसने अपने गांव में कुछ जमीन ले रखी थी, जिसमें वह देसी खाद डालता था। पड़ोस में रहने वाले प्रेम सिंह, कल्यान, ऋषिपाल पुत्रगण दाताराम उसकी जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। घटना वाली रात में करीब दो बजे प्रेम सिंह, कल्यान , ऋषिपाल और मुकेश पुत्र छोटे निवासी नदरौली थाना गुन्नौर उसके घर में डकैती डालने के इरादे से घुस आये। विरोध करने पर सभी ने अंधाधुंध फायरिंग की। पड़ोस के जहीर अहमद, नबी अहमद और उनकी मां रसूलन और कई लोग छत पर जान बचाने को छिप गए थे। फायरिंग में रसूलन और उसके दोनों पुत्र समेत पड़ोस के कई लोग घायल हो गये। प्रेमसिंह, कल्यान, ऋषिपाल और मुकेश ने सुबराती के घर में रखे 50 हजार रुपये नकद और जेवर, बर्तन लूटकर ले गए। गंभीर रूप से घायल रसूलन की मौत हो गई। सुबराती ने प्रेमसिंह, कल्यान, ऋषिपाल, मुकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे के दौरान प्रेम सिंह पुत्र दाताराम की मृत्यु हो गई।
स्पेशल जज राजकुमार सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मुनेंद्र प्रताप सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद कल्यान, ऋषिपाल और मुकेश को डकैती व हत्या में दोषी माना। कोर्ट ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 55-55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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डकैती और हत्या की वारदात थाना गुन्नौर के गांव नदरौली (वर्तमान जिला संभल) में 25 मई 2002 को घटी थी। गांव निवासी सुबराती पुत्र शकूर ने थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि उसने अपने गांव में कुछ जमीन ले रखी थी, जिसमें वह देसी खाद डालता था। पड़ोस में रहने वाले प्रेम सिंह, कल्यान, ऋषिपाल पुत्रगण दाताराम उसकी जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। घटना वाली रात में करीब दो बजे प्रेम सिंह, कल्यान , ऋषिपाल और मुकेश पुत्र छोटे निवासी नदरौली थाना गुन्नौर उसके घर में डकैती डालने के इरादे से घुस आये। विरोध करने पर सभी ने अंधाधुंध फायरिंग की। पड़ोस के जहीर अहमद, नबी अहमद और उनकी मां रसूलन और कई लोग छत पर जान बचाने को छिप गए थे। फायरिंग में रसूलन और उसके दोनों पुत्र समेत पड़ोस के कई लोग घायल हो गये। प्रेमसिंह, कल्यान, ऋषिपाल और मुकेश ने सुबराती के घर में रखे 50 हजार रुपये नकद और जेवर, बर्तन लूटकर ले गए। गंभीर रूप से घायल रसूलन की मौत हो गई। सुबराती ने प्रेमसिंह, कल्यान, ऋषिपाल, मुकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे के दौरान प्रेम सिंह पुत्र दाताराम की मृत्यु हो गई।
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स्पेशल जज राजकुमार सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मुनेंद्र प्रताप सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद कल्यान, ऋषिपाल और मुकेश को डकैती व हत्या में दोषी माना। कोर्ट ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 55-55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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