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आखिर कब जलेगा महंगाई का रावण
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दुकान पर बिक्री के लिए रखीं दालें व अन्य अनाज। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। त्योहारी सीजन आने के साथ महंगाई को पंख लग गए हैं। डीजल और पेट्रोल की बढ़ी कीमतों का असर खाने-पीने के सामान पर दिख रहा है। त्योहारी सीजन के बीच लगभग खाने-पीने के सभी सामान की कीमतों में इजाफा हुआ है। रसोई गैस सिलिंडर भी नौ सौ रुपये के पार हो गया है। पेट्रोल ने शतक लगा दिया है और मिट्टी का तेल दोहरे शतक पर है। मध्यम वर्ग के माथे पर बढ़ती महंगाई की चिंता साफ दिख रही है। महिलाओं का कहना है कि बजट बिगड़ गया है। महंगाई का रावण भी जलना चाहिए।
नवरात्र के साथ ही त्योहारों का सीजन शुरू हो जाता है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद महंगाई बेहिसाब बढ़ी है। एक महीने में ही सरसों का तेल 50 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो कर दो सौ रुपये लीटर तक पहुंच गया है। रिफाइंड और वनस्पति घी के दामों में भी उछाल आया है। इतना ही नहीं पेट्रो पदार्थों की कीमतों में इजाफा होने से दालों की कीमतें भी बढ़ी हैं। डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस से लेकर खाने-पीने के सभी सामान की कीमतें बढ़ने से महिलाओं को रसोई संभालना मुश्किल हो गया है। आवश्यक वस्तुओं पर महंगाई की मार से आम और मध्यम वर्ग बेहाल हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि मांग और खपत के बीच अंतर के साथ कालाबाजारी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव से महंगाई बढ़ी है।
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यह बोलीं महिलाएं
रसोई गैस सिलिंडर 950 रुपये पहुंच रहा है तो सरसों का तेल 200 रुपये के पार हो गया है। दालों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। रसोई संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
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-सरिता सिंह
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महंगाई पर रोक लगाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। दालों, रसोई गैस सिलिंडर, सरसों का तेल, रिफाइंड आदि की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से सब परेशान हैं।
-सुषमा शर्मा
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रसोई पर गैस सिलिंडर, खाद्य तेलों, दालों की कीमतों के बढ़ने का असर है तो पेट्रोल की कीमतें बढ़ने का असर घर के बजट पर पड़ा है। अब तेल के लिए ज्यादा राशि खर्च करनी पड़ रही है।
-अंजलि भारती
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महंगाई का असर सीधा घरेलू महिलाओं को झेलना पड़ता है। घर महिलाओं को संभालना होता है। इसलिए लगातार बढ़ती महंगाई के कारण बजट बिगड़ गया है। त्योहारी सीजन में अब और ज्यादा खर्च होगा।
- मुन्नी देवी
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नवरात्र के साथ ही त्योहारों का सीजन शुरू हो जाता है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद महंगाई बेहिसाब बढ़ी है। एक महीने में ही सरसों का तेल 50 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो कर दो सौ रुपये लीटर तक पहुंच गया है। रिफाइंड और वनस्पति घी के दामों में भी उछाल आया है। इतना ही नहीं पेट्रो पदार्थों की कीमतों में इजाफा होने से दालों की कीमतें भी बढ़ी हैं। डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस से लेकर खाने-पीने के सभी सामान की कीमतें बढ़ने से महिलाओं को रसोई संभालना मुश्किल हो गया है। आवश्यक वस्तुओं पर महंगाई की मार से आम और मध्यम वर्ग बेहाल हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि मांग और खपत के बीच अंतर के साथ कालाबाजारी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव से महंगाई बढ़ी है।
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यह बोलीं महिलाएं
रसोई गैस सिलिंडर 950 रुपये पहुंच रहा है तो सरसों का तेल 200 रुपये के पार हो गया है। दालों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। रसोई संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
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-सरिता सिंह
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महंगाई पर रोक लगाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। दालों, रसोई गैस सिलिंडर, सरसों का तेल, रिफाइंड आदि की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से सब परेशान हैं।
-सुषमा शर्मा
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रसोई पर गैस सिलिंडर, खाद्य तेलों, दालों की कीमतों के बढ़ने का असर है तो पेट्रोल की कीमतें बढ़ने का असर घर के बजट पर पड़ा है। अब तेल के लिए ज्यादा राशि खर्च करनी पड़ रही है।
-अंजलि भारती
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महंगाई का असर सीधा घरेलू महिलाओं को झेलना पड़ता है। घर महिलाओं को संभालना होता है। इसलिए लगातार बढ़ती महंगाई के कारण बजट बिगड़ गया है। त्योहारी सीजन में अब और ज्यादा खर्च होगा।
- मुन्नी देवी