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ककराला, सहसवान और बनगढ़ समेत 50 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप
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बदायूं। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी, कर्मचारी द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हालात ये है कि जिले के ककराला, सहसवान, बनगढ़ समेत 50 गांव से अधिक गांवों में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी रही, जिससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए। यहां पर आईआईटी प्रशिक्षु कमियों को सही करने का प्रयास करते रहे, लेकिन अभी तक समस्या समाधान नहीं हुआ है।
पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर पावर कॉरपोरेशन की ओर से ध्यानाकर्षण आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा था। सोमवार से ये आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल गया है। इस दौरान ककराला में लगा आठ एमबीए का ट्रांसफार्मर खराब हो गया। इससे ककराला समेत फरीदपुर, शादीपुर, अनीनगला, महेरा, संजयपुर समेत कुछ गांवों की बिजली गुल हो गई। वहीं बनगढ़ फीडर की इनकमिंग की वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) खराब हो गई, जिसकी वजह से कुंवरगांव समेत कैली, दुगरैया, इमलिया, बादल, औरंगाबाद खालसा, हसनपुर, नंदगांव, हरिहरपुर, यूसुफनगर, मोहनपुर,गंज समेत 39 गांव की बिजली आपूर्ति बाधित रही। इधर सहसवान-जरीफनगर की 33 केवीए की लाइन में भी फॉल्ट आ गया है, जिनको सही करने के लिए आईटीआई प्रशिक्षु लगे हुए हैं, लेकिन शाम तक वह उसे सही नहीं कर पाए।
पावर कॉरपोरेशन के निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जा रहा हैं। इस दौरान जो भी फॉल्ट हो रहे हैं, उन्हें इलेक्ट्रिकल सेफ्टी वाले ठीक कर रहे हैं।
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-सुशील गर्ग, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉरपोरेशन
निजीकरण के विरोध में कार्यालय पर कर्मचारियों ने दिया धरना
पावर कॉरपोरेशन के निजीकरण के विरोध में अधिकारियों और कर्मचारियों ने सोमवार से विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। वहीं जिला प्रशासन की तरफ से आईटीआई प्रशिक्षु, लेखपालों की तैनाती बिजलीघर पर की गई है ताकि धरने के बीच में आम जनता को कोई दिक्कत न हो, लेकिन फिर भी ककराला, बनगढ़ समेत 50 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि निजीकरण की वजह से जहां पावर कॉरपोरेेशन के अधिकारी, कर्मचारी प्रभावित होंगे, वहीं गरीब, किसान, श्रमिक समेत हर वर्ग के लोगों पर इसका असर देखने को मिलेगा। समिति का दावा है कि उन्हें अन्य संगठनों का समर्थन भी मिल रहा हैं। सोमवार को प्रदर्शन के मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला संयोजक संजीव शर्मा, उझानी ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद दीक्षित, राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र मोहन सक्सेना, लोक निर्माण विभाग के प्रमोद कुमार राना, इलेक्ट्रिक एंड मैकेनिक महासंघ के प्रमोद कुमार शर्मा, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के एक्सईएन वाईएस राघव, सतेंद्र चौहान, प्रवेश कुमार, मंयक मौर्य, प्रवीण कन्नौजिया, धर्मात्मा कुमार, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
आईटीआई प्रशिक्षुओं के हाथ में आई कमान
पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी, कर्मचारी द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों ने सब स्टेशन, फीडर की कमान आईटीआई प्रशिक्षुओं को दी है, लेकिन उससे जनता को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। जहां पर कमियां हो रही हैं, वहां पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर पावर कॉरपोरेशन की ओर से ध्यानाकर्षण आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा था। सोमवार से ये आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल गया है। इस दौरान ककराला में लगा आठ एमबीए का ट्रांसफार्मर खराब हो गया। इससे ककराला समेत फरीदपुर, शादीपुर, अनीनगला, महेरा, संजयपुर समेत कुछ गांवों की बिजली गुल हो गई। वहीं बनगढ़ फीडर की इनकमिंग की वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) खराब हो गई, जिसकी वजह से कुंवरगांव समेत कैली, दुगरैया, इमलिया, बादल, औरंगाबाद खालसा, हसनपुर, नंदगांव, हरिहरपुर, यूसुफनगर, मोहनपुर,गंज समेत 39 गांव की बिजली आपूर्ति बाधित रही। इधर सहसवान-जरीफनगर की 33 केवीए की लाइन में भी फॉल्ट आ गया है, जिनको सही करने के लिए आईटीआई प्रशिक्षु लगे हुए हैं, लेकिन शाम तक वह उसे सही नहीं कर पाए।
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पावर कॉरपोरेशन के निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जा रहा हैं। इस दौरान जो भी फॉल्ट हो रहे हैं, उन्हें इलेक्ट्रिकल सेफ्टी वाले ठीक कर रहे हैं।
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-सुशील गर्ग, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉरपोरेशन
निजीकरण के विरोध में कार्यालय पर कर्मचारियों ने दिया धरना
पावर कॉरपोरेशन के निजीकरण के विरोध में अधिकारियों और कर्मचारियों ने सोमवार से विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। वहीं जिला प्रशासन की तरफ से आईटीआई प्रशिक्षु, लेखपालों की तैनाती बिजलीघर पर की गई है ताकि धरने के बीच में आम जनता को कोई दिक्कत न हो, लेकिन फिर भी ककराला, बनगढ़ समेत 50 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि निजीकरण की वजह से जहां पावर कॉरपोरेेशन के अधिकारी, कर्मचारी प्रभावित होंगे, वहीं गरीब, किसान, श्रमिक समेत हर वर्ग के लोगों पर इसका असर देखने को मिलेगा। समिति का दावा है कि उन्हें अन्य संगठनों का समर्थन भी मिल रहा हैं। सोमवार को प्रदर्शन के मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला संयोजक संजीव शर्मा, उझानी ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद दीक्षित, राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र मोहन सक्सेना, लोक निर्माण विभाग के प्रमोद कुमार राना, इलेक्ट्रिक एंड मैकेनिक महासंघ के प्रमोद कुमार शर्मा, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के एक्सईएन वाईएस राघव, सतेंद्र चौहान, प्रवेश कुमार, मंयक मौर्य, प्रवीण कन्नौजिया, धर्मात्मा कुमार, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
आईटीआई प्रशिक्षुओं के हाथ में आई कमान
पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी, कर्मचारी द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों ने सब स्टेशन, फीडर की कमान आईटीआई प्रशिक्षुओं को दी है, लेकिन उससे जनता को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। जहां पर कमियां हो रही हैं, वहां पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।