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बांध को मंजूरी नहीं मिली तो ग्रामीणों ने श्रमदान से मोड़ दी रामगंगा की धारा

Fri, 31 Jul 2020 01:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2020 01:47 AM IST
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दातागंज इलाके से निकलती रामंगगा। संवाद - फोटो : BADAUN
दातागंज। तहसील क्षेत्र में रामगंगा का तटवर्ती गांव बेलाडांडी अब कटान के खतरे से लगभग मुक्त हो गया है। ऐसा ग्रामीणों की मेहनत और श्रमदान से संभव हो सका है। एसडीएम दातागंज कुंवर बहादुर सिंह ने ग्रामीणों को इस काम के लिए प्रेरित किया, साथ ही अपने और प्रशासनिक स्तर से सहयोग भी दिया। 25 दिन की कड़ी मेहनत के बाद आखिर ग्रामीण रामगंगा की विकराल धारा को मोड़ने में कामयाब हो गए। अब गांव में बाढ़ का खतरा काफी कम हो गया है।
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दातागंज तहसील के कई गांव गंगा और रामगंगा के तटवर्ती हैं। नदियों की धारा के रुख बदलने से हर साल इन गांवों पर बाढ़ और कटान का खतरा मंडराता है। इस बार बेलाडांडी गांव पर कटान का खतरा मंडरा रहा था। रामगंगा की तेज धारा ने गांव को अर्द्घ चंद्राकार आकार में घेर लिया था। पिछले वर्ष भी धारा गांव की ओर मुड़ गई थी। इसके बाद बाढ़ खंड ने कटान रोकने के लिए बांध बनाने को 4.80 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा था। यह प्रस्ताव समय से मंजूर नहीं हो सका। इस बीच मानसून आने से रामगंगा का जलस्तर बढ़ गया। धारा ने रुख बदला और यह बेलाडांडी गांव की ओर घूम गई। गांव को तीन ओर से धारा ने घेर लिया, जिसे देखकर ग्रामीण परेशान हो उठे थे।
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पिछले दिनों एसडीएम कुंवर बहादुर सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के बाद बाढ़ खंड के अधिकारियों से बेलाडांडी को लेकर बात की। तब पता लगा कि शासन स्तर पर 4.80 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी का इंतजार है। उन्होंने बेलाडांडी के प्रधान देवेंद्र सिंह समेत चापर कोरा आदि के ग्रामीणों से बात की और रामगंगा की धारा का रुख बदलने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया। इसके बाद गांव के लोग काम में जुटे। 25 दिन कड़ी मेहनत और चार जेसीबी की मदद से ग्रामीणों ने ठोकरों का निर्माण कर रामगंगा की धारा को म़ोड़ने में कामयाबी हासिल कर ली। अब बेलाडांडी गांव में कटान का खतरा लगभग खत्म हो गया है।
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सौ से ज्यादा गांव झेलते हैं बाढ़ का दंश
दातागंज तहसील के तटवर्ती सौ से ज्यादा गांव हर साल बाढ़ का दंश झेलते हैं। तहसील के एक दर्जन से ज्यादा गांव रामगंगा के उस पार बसे हैं। बाढ़ के सीजन में इन गांवों से संपर्क लगभग पूरी तरह टूट जाता है। क्षेत्र के गांव कुडरा मजरा, सुखपाल सिंह नगला, जलेबी नगला, उघोनगला, डाल सिंह नगला, नगला नवाब सिंह, नगला भगवान, नगला उदयभान, नगला देवेंद्र पाल, ग्राम पंचायत लालपुर खादर में गांव पट्टी बिजा, पूरन बहेड़ा, नवादा बदन, कौरी नगला, करकौरा, नगला नत्थू सिंह, शेरपुर, हर्ररामपुर, मौजूमपुर, गढ़िया पैगंबर आदि बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
इस बार बेलाडांडी में जिस तरह के हालात बन रहे थे उससे गांव के कटान का खतरा बढ़ गया था। कटान रोकने के कामों का प्रस्ताव लंबित है। ऐसे में ग्रामीणों को श्रमदान के लिए प्रेरित करने की जरूरत थी। उन्हें प्रेरित करने का ही नतीजा है कि बेलाडांडी को अब रामगंगा से कटान का खतरा नहीं है। इसी तरह श्रमदान के लिए अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों को भी प्रेरित करने का काम किया जाएगा।
- कुंवर बहादुर सिंह, एसडीएम दातागंज
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