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पूर्व विधायक रामसेवक सिंह का टूटेगा मकान, सिटी मजिस्ट्रेट ने दिए आदेश
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बदायूं। पूर्व विधायक राम सेवक सिंह पटेल द्वारा मकान और दुकानों का नक्शा पास कराते वक्त दिए गए तथ्य जांच में गलत पाए गए हैं। प्रशासन की माने तो उनके पास मेें कुछ वर्ग गज जमीन थी, जबकि उन्होंने अन्य जमीन को खुद की बताते हुए नक्शा पास करा लिया। इसके बाद में उन्होंने मकान और दुकानों का निर्माण करा लिया। जांच में दोषी पाए जाने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने इसको तोड़ने के निर्देश दिए है। इसके लिए उन्हें 30 दिन का समय दिया गया है।
जवाहरपुरी मोहल्ले में बरेली रोड किनारे करीब एक हजार वर्गगज में पूर्व विधायक राम सेवक सिंह का मकान और दुकानें बनी हुई हैं। आरोप है कि जब इनकी ओर से जब इस मकान और दुकानों को नक्शा पास कराया गया तो उनकी ओर से तथ्यों को छिपाते हुए गलत जानकारी दी गई थी। प्रशासन की माने तो उस वक्त इनके पास में केवल 600 वर्ग गज का स्वामित्व था, जबकि उन्होंने जो जानकारी दी, उसमें कुछ हिस्सा कब्रिस्तान का भी आता है। ऐसे तमाम तथ्य थे, जो पूर्व विधायक की ओर से छिपाए गए थे, जिसके आधार पर शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी ने पूर्व विधायक के पूरे आवास को तोड़ने के निर्देश दिए हैं। हालांकि पूर्व विधायक को इसके लिए 30 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। इस संबंध में पूर्व विधायक से कई बार फोन से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
पूर्व विधायक राम सेवक द्वारा अपने मकान और दुकानों का नक्शा पास कराते समय कई तथ्यों को छिपाया गया था। जब इसकी जांच हुई तो मामला प्रकाश में आया। ऐसे में मकान और दुकानों को तोड़ने के आदेश दिए गए हैं।
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-केके अवस्थी, सिटी मजिस्ट्रेट
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जवाहरपुरी मोहल्ले में बरेली रोड किनारे करीब एक हजार वर्गगज में पूर्व विधायक राम सेवक सिंह का मकान और दुकानें बनी हुई हैं। आरोप है कि जब इनकी ओर से जब इस मकान और दुकानों को नक्शा पास कराया गया तो उनकी ओर से तथ्यों को छिपाते हुए गलत जानकारी दी गई थी। प्रशासन की माने तो उस वक्त इनके पास में केवल 600 वर्ग गज का स्वामित्व था, जबकि उन्होंने जो जानकारी दी, उसमें कुछ हिस्सा कब्रिस्तान का भी आता है। ऐसे तमाम तथ्य थे, जो पूर्व विधायक की ओर से छिपाए गए थे, जिसके आधार पर शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी ने पूर्व विधायक के पूरे आवास को तोड़ने के निर्देश दिए हैं। हालांकि पूर्व विधायक को इसके लिए 30 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। इस संबंध में पूर्व विधायक से कई बार फोन से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
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पूर्व विधायक राम सेवक द्वारा अपने मकान और दुकानों का नक्शा पास कराते समय कई तथ्यों को छिपाया गया था। जब इसकी जांच हुई तो मामला प्रकाश में आया। ऐसे में मकान और दुकानों को तोड़ने के आदेश दिए गए हैं।
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-केके अवस्थी, सिटी मजिस्ट्रेट