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गंगा किनारे बसे गांवों को मिला सौर ऊर्जा का ‘सहारा’
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बदायूं। प्रदेश भर में सौभाग्य योजना के तहत लोगों के घर पर बिजली कनेक्शन निशुल्क किए जा रहे हैं, साथ ही लोगों को मीटर, बिजली तार, एलईडी बल्ब, स्विच बोर्ड भी फ्री में दिया जा रहा है, लेकिन कई गांव ऐसे हैं, जहां पर आज तक बिजली के तार और खंभे नहीं पहुंच सके। ऐसे गांवों को रोशन करने का जिम्मा सरकार ने नेडा को दिया है। इसके तहत जिले में पांच मझरों का चयन किया गया है। नेडा की ओर से इन गांवों के लोगों को सौर ऊर्जा का लाभ देकर उनके घरों को भी रोशन करने का काम किया गया है। इससे पांचों मझरों के 73 परिवार लाभान्वित हुए हैं।
केंद्र सरकार की ओर से संचालित सौभाग्य योजना के तहत लोगों को निशुल्क कनेक्शन देनेे का कार्य तो पावर कॉरपोरेशन उपभोक्ताओं को कनेक्शन व उन्हें कम से कम बिजली बिल देना पड़े इसका प्रयास कर रहा है। इस बीच जिले में पांच मझरे ऐसे निकले, जहां पर बिजली के तार खींचने में विभाग को काफी खर्च उठाना पड़ता। ऐसे में जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपनी समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। वहां से निर्देश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने जिला स्तर पर नेडा से संपर्क साधा, साथ ही गांव की लिस्ट उनको दी। जिसके बाद में उनकी ओर से पांच मझरों के 73 लोगों को सौर योजना का लाभ दिया गया, जहां अब उनके घर रोशन है।
250 वॉट की सौर ऊर्जा प्लेट करेगी काम
नेडा की मानें तो उसकी ओर से 250 वाट की सौर उर्जा प्लेट, एक एलईडी बल्ब, स्विच बोर्ड और तार दिया गया है। जिससे वह अपने मुताबिक बल्ब लगा सकें। एजेंसी की मानें तो एक कनेक्शन पर करीब 50 हजार रुपये विभाग का खर्च हो रहा है, लेकिन ग्रामीणों से इसका कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह सूर्य की रोशनी से बैटरी को चार्ज करेगी।
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पांच मझरे ऐसे थे, जहां पर विद्युतीकरण होना संभव नहीं था। अगर करते तो खर्च बहुत अधिक आता। इसके बारे में उच्चधिकारियों को अवगत कराया गया था। वहां से निर्देश मिलने के बाद में नेडा से संपर्क कर इन गांवों को सौर ऊर्जा से रोशन किया गया है।
-राजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता
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केंद्र सरकार की ओर से संचालित सौभाग्य योजना के तहत लोगों को निशुल्क कनेक्शन देनेे का कार्य तो पावर कॉरपोरेशन उपभोक्ताओं को कनेक्शन व उन्हें कम से कम बिजली बिल देना पड़े इसका प्रयास कर रहा है। इस बीच जिले में पांच मझरे ऐसे निकले, जहां पर बिजली के तार खींचने में विभाग को काफी खर्च उठाना पड़ता। ऐसे में जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपनी समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। वहां से निर्देश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने जिला स्तर पर नेडा से संपर्क साधा, साथ ही गांव की लिस्ट उनको दी। जिसके बाद में उनकी ओर से पांच मझरों के 73 लोगों को सौर योजना का लाभ दिया गया, जहां अब उनके घर रोशन है।
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250 वॉट की सौर ऊर्जा प्लेट करेगी काम
नेडा की मानें तो उसकी ओर से 250 वाट की सौर उर्जा प्लेट, एक एलईडी बल्ब, स्विच बोर्ड और तार दिया गया है। जिससे वह अपने मुताबिक बल्ब लगा सकें। एजेंसी की मानें तो एक कनेक्शन पर करीब 50 हजार रुपये विभाग का खर्च हो रहा है, लेकिन ग्रामीणों से इसका कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह सूर्य की रोशनी से बैटरी को चार्ज करेगी।
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पांच मझरे ऐसे थे, जहां पर विद्युतीकरण होना संभव नहीं था। अगर करते तो खर्च बहुत अधिक आता। इसके बारे में उच्चधिकारियों को अवगत कराया गया था। वहां से निर्देश मिलने के बाद में नेडा से संपर्क कर इन गांवों को सौर ऊर्जा से रोशन किया गया है।
-राजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता