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माननीय! चमचमाती सड़कों की सफाई करके क्या देना चाहते हैं संदेश
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बदायूं। माननीय! ..हाथ में चमकती पन्नी चढ़ी नई नकोर झाड़ू, सामूहिक तौर पर सफाई, जनता को स्वच्छता अपनाने का संदेश देने की कोशिश, कोशिश तो अच्छी है, लेकिन प्रश्न केवल यह है कि जहां आपने झाड़ू पकड़ी वहां तो सफाई पहले ही करा दी गई थी, तो आपने झाड़ू ‘क्या’ लगाई। अब तर्क होगा, कि बात झाड़ू लगाने की नहीं, केवल जनता को स्वच्छता का संदेश देने की है तो साहब, यदि यह संदेश धरातल पर उन सड़कों को साफ करके दिया जाता, जो कूड़े से वास्तव में पटी पड़ी हैं। इससे न केवल जनता में संदेश अच्छा जाता, बल्कि उसे यह भी लगता कि जनप्रतिनिधि भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर स्वच्छता अभियान में साथ खड़े हैं।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन को भाजपाई सेवा सप्ताह के तौर पर मना रहे हैं। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता हों या पालिकाध्यक्ष या फिर नगर विकास मंत्री या फिर जिले के प्रभारी मंत्री, सभी सड़कों पर झाड़ू लगाकर जनता को प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान का संदेश देते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों जिले के प्रभारी मंत्री ने स्वच्छता का यही संदेश देने की कोशिश की, लेकिन उन सड़कों पर, जहां उनके आने की पूर्व सूचना पर पहले ही झाड़ू लगाकर चमाचम कर दिया गया था। इससे इतर शहर की सड़कों का आज भी गंदगी से बुरा हाल है। नगर में तो गंदगी के ढेर लगे ही हैं, सड़कों तक भी झाड़ू लगाने की जरूरत नहीं महसूस की जा रही है।
मंत्री जी का कार्यक्रम था...रात में ही जुट गए थे 70 से ज्यादा लोग
बदायूं। अमर उजाला ने शुक्रवार को कई मोहल्लों में घूमकर सफाई व्यवस्था के बाबत लोगों से रायशुमारी की तो लोगों ने बताया कि जिस दिन प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी का कार्यक्रम था उससे पूर्व रात को लगभग 70 लोगों की टीम सड़क साफ करके में लगी थी। कूड़े के ढेर तो यहां से ऐसे गायब कर दिए गए थे, मानो ये कभी थे ही नहीं। इसके बाद तड़के ही फिर सफाई कर्मी आकर इस सड़क पर झाड़ू लगा गए, साथ ही चूना भी डलवा दिया गया। इसके बाद प्रभारी मंत्री समेत नगर पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल व अन्य भाजपाइयों ने यहां आकर झाड़ू ‘पकड़ी’ और फोटो खिंचवाए, वीडियो बनवाए।
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....तो क्या केवल झाड़ू ‘पकड़ने’ से सच होगा ‘स्वच्छ भारत’ का सपना
- पहले सेे ही साफ सड़कों पर झाड़ू लगाने से क्या प्रधानमंत्री का ‘स्वच्छ भारत’ का सपना सच हो पाएगा....यह हम नहीं, जनता कह रही है जो गंदगी की भीषण समस्या से जूझ रही है। शुक्रवार को भी शहर की सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे रहे। केवल यही नहीं सड़कों पर भी ऐसे कूड़ा बिखरा रहा, मानों हफ्तों से झाड़ू नहीं लगी हो। शहर के लावेला चौक, रोडवेज बस स्टैंड, जोगीपुरा, पनबाड़ी, स्टेशन रोड पर लगे कूड़े के ढेर ‘स्वच्छ भारत’ अभियान को मुंह चिढ़ा रहे थे।
जनता जागरूक हो......सफाई कर्मी भले ही सोते रहें
पालिका प्रशासन समेत नेताओं के झाड़ू अभियान और उस पर दिए जा रहे जागरूकता के संदेश सुनकर अधिकतप लोगों का यह भी कहना है कि पालिका और नेता जनता को तो जागरूक करने की बात कह रही है, लेकिन उन सफाई कर्मियों का क्या, जिन पर पालिका का ही अंकुश नहीं है।
सोशल मीडिया पर सफाई, आखिर किस काम की..
शहर की जनता इस समय गंदगी की समस्या झेल रही है, जितनी आज तक नहीं हुई। न तो सड़कों पर झाड़ू लग रही है और न ही कूड़े के ढेर उठवाए जा रहे हैं। सफाई कर्मचारी दोपहर में कूड़ा उठाने निकलते हैं, तब तक जनता दुर्गंध और गंदगी झेलती रहती है।
-सुभाष चंद्र खत्री, विजयनगर
नगर पालिका प्रशासन इस समय आंखे मूंदे बैठा है। शहर की सफाई से ज्यादा जनप्रतिनिधि अपने झाड़ू लगाते फोटो खिंचवाकर और वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। लेकिन उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि सोशल मीडिया पर की गई सफाई काम नहीं आती।
-विजय कुमार शर्मा, विवेक विहार कॉलोनी
जनप्रतिनिधि जहां पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं वहां पहले ही सफाई कर दी जाती है। यदि संदेश देना है तो कूड़े वाली सड़क पर झाड़ू लगाकर देना चाहिए ताकि जनता भी यह समझ सके कि जनप्रतिनिधि उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
-राजेश कुमार, पनवाड़ी
मोहल्लों में गंदगी का साम्राज्य है। गलियां कीचड़ और कूड़े से पटी पड़ी हैं लेकिन पालिका प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है। नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता से काफी उम्मीद है, पालिका प्रशासन तो सफाई व्यवस्था के मामले में फेल ही हो चुुका है।
-हर्ष सक्सेना, कल्यानगर
शहर में लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है। शुक्रवार सुबह बिजली दफ्तर, आवास विकास रोड होते हुए संतोख सिंह तिराहे तक सफाई अभियान चलाया है। चूंकि ये सप्ताह हम लोग सेवा सप्ताह के रूप में मना रहे हैं, इसलिए पहले दिन नगरीय विकास मंत्री, दूसरे दिन जिले के प्रभारी मंत्री, फिर जिलाध्यक्ष, सांसद के साथ से सांकेतिक अभियान चलवाया है, ताकि शहर की जनता जागरूक हो।
- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
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प्रधानमंत्री के जन्मदिन को भाजपाई सेवा सप्ताह के तौर पर मना रहे हैं। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता हों या पालिकाध्यक्ष या फिर नगर विकास मंत्री या फिर जिले के प्रभारी मंत्री, सभी सड़कों पर झाड़ू लगाकर जनता को प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान का संदेश देते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों जिले के प्रभारी मंत्री ने स्वच्छता का यही संदेश देने की कोशिश की, लेकिन उन सड़कों पर, जहां उनके आने की पूर्व सूचना पर पहले ही झाड़ू लगाकर चमाचम कर दिया गया था। इससे इतर शहर की सड़कों का आज भी गंदगी से बुरा हाल है। नगर में तो गंदगी के ढेर लगे ही हैं, सड़कों तक भी झाड़ू लगाने की जरूरत नहीं महसूस की जा रही है।
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मंत्री जी का कार्यक्रम था...रात में ही जुट गए थे 70 से ज्यादा लोग
बदायूं। अमर उजाला ने शुक्रवार को कई मोहल्लों में घूमकर सफाई व्यवस्था के बाबत लोगों से रायशुमारी की तो लोगों ने बताया कि जिस दिन प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी का कार्यक्रम था उससे पूर्व रात को लगभग 70 लोगों की टीम सड़क साफ करके में लगी थी। कूड़े के ढेर तो यहां से ऐसे गायब कर दिए गए थे, मानो ये कभी थे ही नहीं। इसके बाद तड़के ही फिर सफाई कर्मी आकर इस सड़क पर झाड़ू लगा गए, साथ ही चूना भी डलवा दिया गया। इसके बाद प्रभारी मंत्री समेत नगर पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल व अन्य भाजपाइयों ने यहां आकर झाड़ू ‘पकड़ी’ और फोटो खिंचवाए, वीडियो बनवाए।
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....तो क्या केवल झाड़ू ‘पकड़ने’ से सच होगा ‘स्वच्छ भारत’ का सपना
- पहले सेे ही साफ सड़कों पर झाड़ू लगाने से क्या प्रधानमंत्री का ‘स्वच्छ भारत’ का सपना सच हो पाएगा....यह हम नहीं, जनता कह रही है जो गंदगी की भीषण समस्या से जूझ रही है। शुक्रवार को भी शहर की सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे रहे। केवल यही नहीं सड़कों पर भी ऐसे कूड़ा बिखरा रहा, मानों हफ्तों से झाड़ू नहीं लगी हो। शहर के लावेला चौक, रोडवेज बस स्टैंड, जोगीपुरा, पनबाड़ी, स्टेशन रोड पर लगे कूड़े के ढेर ‘स्वच्छ भारत’ अभियान को मुंह चिढ़ा रहे थे।
जनता जागरूक हो......सफाई कर्मी भले ही सोते रहें
पालिका प्रशासन समेत नेताओं के झाड़ू अभियान और उस पर दिए जा रहे जागरूकता के संदेश सुनकर अधिकतप लोगों का यह भी कहना है कि पालिका और नेता जनता को तो जागरूक करने की बात कह रही है, लेकिन उन सफाई कर्मियों का क्या, जिन पर पालिका का ही अंकुश नहीं है।
सोशल मीडिया पर सफाई, आखिर किस काम की..
शहर की जनता इस समय गंदगी की समस्या झेल रही है, जितनी आज तक नहीं हुई। न तो सड़कों पर झाड़ू लग रही है और न ही कूड़े के ढेर उठवाए जा रहे हैं। सफाई कर्मचारी दोपहर में कूड़ा उठाने निकलते हैं, तब तक जनता दुर्गंध और गंदगी झेलती रहती है।
-सुभाष चंद्र खत्री, विजयनगर
नगर पालिका प्रशासन इस समय आंखे मूंदे बैठा है। शहर की सफाई से ज्यादा जनप्रतिनिधि अपने झाड़ू लगाते फोटो खिंचवाकर और वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। लेकिन उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि सोशल मीडिया पर की गई सफाई काम नहीं आती।
-विजय कुमार शर्मा, विवेक विहार कॉलोनी
जनप्रतिनिधि जहां पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं वहां पहले ही सफाई कर दी जाती है। यदि संदेश देना है तो कूड़े वाली सड़क पर झाड़ू लगाकर देना चाहिए ताकि जनता भी यह समझ सके कि जनप्रतिनिधि उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
-राजेश कुमार, पनवाड़ी
मोहल्लों में गंदगी का साम्राज्य है। गलियां कीचड़ और कूड़े से पटी पड़ी हैं लेकिन पालिका प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है। नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता से काफी उम्मीद है, पालिका प्रशासन तो सफाई व्यवस्था के मामले में फेल ही हो चुुका है।
-हर्ष सक्सेना, कल्यानगर
शहर में लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है। शुक्रवार सुबह बिजली दफ्तर, आवास विकास रोड होते हुए संतोख सिंह तिराहे तक सफाई अभियान चलाया है। चूंकि ये सप्ताह हम लोग सेवा सप्ताह के रूप में मना रहे हैं, इसलिए पहले दिन नगरीय विकास मंत्री, दूसरे दिन जिले के प्रभारी मंत्री, फिर जिलाध्यक्ष, सांसद के साथ से सांकेतिक अभियान चलवाया है, ताकि शहर की जनता जागरूक हो।
- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष