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लूट व हत्याकांड में पूर्व ब्लॉक प्रमुख और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य का स्टे खारिज
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बदायूं। करीब 14 साल पुराने लूट और दोहरे हत्याकांड के मामले में उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख और उनके पुत्र वर्तमान जिला पंचायत सदस्य का स्टे खारिज कर दिया है। उच्च न्यायालय ने दोनों आरोपियों को एक माह के भीतर जमानत को कोर्ट में समर्पण करने का आदेश दिया है।
कोतवाली उझानी के गांव अल्लापुर निवासी विद्दम सिंह ने 28 अगस्त 2006 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भाई चोब सिंह और बल्लू की बैंक में पैसा जमा करने जाते समय थाना कादरचौक के गांव टुंगसइयां निवासी राजू, सुरेश, नन्हे, किशनपाल उर्फ गुरु, विकास, छोटे, राजेंद्र, आराम सिंह, मुनीश और पप्पू ने गाड़ी रूकवा कर लूटपाट के बाद हत्या कर दी थी। पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख किशनपाल उर्फ गुरु और उसके बेटे विकास का नाम जांच के बाद में निकाल दिया। बाकी आठों आरोपी को तत्कालीन स्पेशल जज डकैती कोर्ट संजय कुमार ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वादी ने किशनपाल उर्फ गुरु और उनके बेटे विकास को 319 सीआपीसी के प्रार्थना पत्र देकर आरोपी बनाया था। जिसके खिलाफ किशनपाल उर्फ गुरु और विकास उच्च न्यायालय से 17 दिसंबर 2009 से स्टे पर चल रहे थे। वादी विद्दम सिंह के अधिवक्ता भेषज पुरी और ईशान देव गिरि की बहस सुनने के बाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने 17 दिसंबर को पूर्व ब्लॉक प्रमुख किशनपाल उर्फ गुरु और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य विकास के स्थगन आदेश को खारिज करते हुए आदेश दिया कि दोनों आरोपी एक माह के भीतर कोर्ट में समर्पण करें।
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कोतवाली उझानी के गांव अल्लापुर निवासी विद्दम सिंह ने 28 अगस्त 2006 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भाई चोब सिंह और बल्लू की बैंक में पैसा जमा करने जाते समय थाना कादरचौक के गांव टुंगसइयां निवासी राजू, सुरेश, नन्हे, किशनपाल उर्फ गुरु, विकास, छोटे, राजेंद्र, आराम सिंह, मुनीश और पप्पू ने गाड़ी रूकवा कर लूटपाट के बाद हत्या कर दी थी। पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख किशनपाल उर्फ गुरु और उसके बेटे विकास का नाम जांच के बाद में निकाल दिया। बाकी आठों आरोपी को तत्कालीन स्पेशल जज डकैती कोर्ट संजय कुमार ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वादी ने किशनपाल उर्फ गुरु और उनके बेटे विकास को 319 सीआपीसी के प्रार्थना पत्र देकर आरोपी बनाया था। जिसके खिलाफ किशनपाल उर्फ गुरु और विकास उच्च न्यायालय से 17 दिसंबर 2009 से स्टे पर चल रहे थे। वादी विद्दम सिंह के अधिवक्ता भेषज पुरी और ईशान देव गिरि की बहस सुनने के बाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने 17 दिसंबर को पूर्व ब्लॉक प्रमुख किशनपाल उर्फ गुरु और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य विकास के स्थगन आदेश को खारिज करते हुए आदेश दिया कि दोनों आरोपी एक माह के भीतर कोर्ट में समर्पण करें।
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