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Budaun News: गर्मी की छुट्टियों के बाद ही बच्चों को मिलेगी यूनिफॉर्म
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कादरचौक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में बिना यूनिफॉर्म पहने पहुंचे छात्र-छात्राएं। संवाद
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बदायूं। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, बैग आदि के लिए धनराशि दी जाती है। शिक्षा सत्र शुरु होने के एक माह बाद भी अभिभावकों के खाते में यह धनराशि नहीं पहुंच सकी है। माना जा रहा है कि यह धनराशि गर्मी के अवकाश के बाद ही छात्र-छात्राओं को मिल सकेगी।
शासन की तरफ से सरकारी स्कूलाें में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक छात्र-छात्राओं को किताबें निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अलावा छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में 1200 रुपये भी दिए जाते हैं। ताकि वह इस धनराशि से वह संबंधित छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, बैग, पैंसिल आदि खरीद कर दें।
नए शैक्षिक को शुरू हुए एक माह से ज्यादा हो गया है, लेकिन अब तक शासन की तरफ से मिलने वाली धनराशि अभिभावकों के खातों में नहीं पहुंची है। इसकी वजह से अभी काफी छात्र-छात्राएं बिना यूनिफॉर्म ही स्कूलों में पहुंच रहे हैं। वहीं अधिकांश छात्र-छात्राएं गत वर्ष की पुरानी यूनिफॉर्म पहनकर आ रहे हैं। विभाग के अनुसार, अभी पोर्टल पर छात्र-छात्राओं का डाटा फीड किया जा रहा है। इसके पूरा होने पर ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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अभी दाखिलों पर जोर है। ज्यादा से ज्यादा दाखिले हों, इसका प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के लिए प्रक्रिया होगी। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, अभिभावकों के खातों में धनराशि भेज दी जाएगी। इसमें कितना वक्त लगेगा, अभी कुछ कह पाना मुश्किल है। -स्वाति भारती, बीएसए
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शासन की तरफ से सरकारी स्कूलाें में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक छात्र-छात्राओं को किताबें निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अलावा छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में 1200 रुपये भी दिए जाते हैं। ताकि वह इस धनराशि से वह संबंधित छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, बैग, पैंसिल आदि खरीद कर दें।
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नए शैक्षिक को शुरू हुए एक माह से ज्यादा हो गया है, लेकिन अब तक शासन की तरफ से मिलने वाली धनराशि अभिभावकों के खातों में नहीं पहुंची है। इसकी वजह से अभी काफी छात्र-छात्राएं बिना यूनिफॉर्म ही स्कूलों में पहुंच रहे हैं। वहीं अधिकांश छात्र-छात्राएं गत वर्ष की पुरानी यूनिफॉर्म पहनकर आ रहे हैं। विभाग के अनुसार, अभी पोर्टल पर छात्र-छात्राओं का डाटा फीड किया जा रहा है। इसके पूरा होने पर ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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अभी दाखिलों पर जोर है। ज्यादा से ज्यादा दाखिले हों, इसका प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के लिए प्रक्रिया होगी। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, अभिभावकों के खातों में धनराशि भेज दी जाएगी। इसमें कितना वक्त लगेगा, अभी कुछ कह पाना मुश्किल है। -स्वाति भारती, बीएसए